टोंक जिला स्पेशल टीम (DST) ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 लाख रुपए मूल्य की स्मैक के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से स्मैक के लेनदेन में काम आने वाला करीब डेढ़ लाख रुपए नकद और एक मारुति अल्टो कार भी जब्त की गई है। दोनों आरोपी झालावाड़ जिले के रहने वाले हैं। बुधवार रात ऑपरेशन, ASP के निर्देशन में दबिश SP राजेश कुमार मीना ने बताया कि कार्रवाई ASP रतनलाल भार्गव के निर्देशन में और DST प्रभारी ओमप्रकाश के नेतृत्व में की गई।टीम ने बुधवार रात दबिश देकर 90 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 18 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। कैसे पकड़े गए तस्कर? SP के अनुसार, टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक कार से जिले में स्मैक सप्लाई करने आ रहे हैं।टीम ने नाकाबंदी कर कार रोककर तलाशी ली, जिसमें 90 ग्राम स्मैक, नकद ₹1.49 लाख, मारुति अल्टो कार बरामद की गई। दोनों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। झालावाड़ के हैं दोनों आरोपी DST और अलीगढ़ थाना की संयुक्त कार्रवाई होटल से साइबर ठगी चलाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार; 8–10 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा टोंक पुलिस की जिला स्पेशल टीम और अलीगढ़ थाना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले कई महीनों से होटल में बैठकर ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क चला रहा था। होटल को बनाया था ठगी का अड्डा गिरफ्तार आरोपी चन्द्रेश मीणा पुत्र हंसराज मीणा, निवासी उदयपुरिया (थाना–उनियारा) पुलिस ने बताया कि वह होटल में कमरा लेकर वहां से मोबाइल फोन और फर्जी ऐप्स के जरिए लोगों को ठगने का काम करता था। DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि आरोपी फर्जी ऐप्स, व्हाट्सएप चैनल, लुभावने ऑफर के जरिए लोगों से संपर्क कर उनके बैंक खातों से रकम उड़ा लेता था। 9 शिकायतें दर्ज, और बढ़ सकता है खुलासा प्राथमिक जांच में आरोपी के खिलाफ 9 साइबर ठगी के केस मिले हैं। आरोपी ने पूछताछ में दिल्ली, गुजरात समेत कई राज्यों के लोगों को ठगने की बात कबूल की है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में अन्य जिलों व राज्यों के कई मामलों का पर्दाफाश हो सकता है।


