आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए अवैध हथियार मुहैया करने से जुड़े एक मामले में जेल में बंद अमन साहू गिरोह के सक्रिय सदस्य चंदन साव के खिलाफ एटीएस समय सीमा के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। मामले के जांच अधिकारी आरोपी को रिमांड लेने के 180 दिनों बाद भी जांच पूरी करते हुए चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहे। जिसका लाभ चंदन साव को मिल गया है। उसकी ओर से अधिवक्ता जितेंद्र कुमार ने सीआरपीसी की धारा 167(2) का हवाला देते हुए डिफॉल्ट जमानत याचिका दाखिल की। विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई पश्चात रिमांड अवधि 180 दिन बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने पर आरोपी चंदन की जमानत याचिका स्वीकार कर लिया। यह प्राथमिकी एटीएस के एसआई संजय दास ने गुप्त सूचना के आधार पर 29 अप्रैल 2024 को एटीएस कांड संख्या 1/2024 के तहत दर्ज कराई है। इसी मामले में आरोपी मनिंद्र कुमार उर्फ मिलावट के खिलाफ पूर्व में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। चंदन साव पर आरोप है कि होटवार जेल में बंद होने के बावजूद टेलीफोन और जंगी ऐप के माध्यम से उसके दिशा-निर्देश पर आपराधिक घटनाओं के लिए हथियार मुहैया कराया जाता रहा । हालांकि वह जेल से निकल नहीं पाएगा। उसके खिलाफ अलग-अलग एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज है।


