2 घंटे किसानों के कब्जे में ट्रैक, 16 ट्रेनें प्रभावित 10 को चिप वाले मीटर उतारने का किया ऐलान

केंद्र सरकार के संशोधित बिजली बिल के खिलाफ किसान मजदूर मोर्चा ने शुक्रवार को 2 घंटे तक ट्रेनें रोककर प्रदर्शन किया। मोर्चा ने सूबे के 19 जिलों में 26 जगहों पर दोपहर 1 बजे से लेकर 3 बजे तक ट्रेनें रोकने का आह्वान किया था। आंदोलन के कारण 16 से ज्यादा ट्रेनें रोकी गईं। धरना खत्म होने के बाद करीब 3:30 बजे ट्रेनों को रवाना किया गया। जालंधर-पठानकोट रेलवे ट्रैक पर धरना देने आए किसानों को पुलिस ने टांडा में हिरासत में ले लिया। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा, सरकार पुलिस का इस्तेमाल किसान-मजदूरों की आवाज दबा नहीं सकती। संशोधित बिजली बिल के खिलाफ आंदोलन तेज कर 10 दिसंबर को चिप लगे बिजली मीटर उतारे जाएंगे। इसके बाद 17-18 दिसंबर को सभी डीसी दफ्तरों के सामने प्रदर्शन कर बिजली बिल वापस लेने की मांग की जाएगी। किसानों को आशंका… पॉवरकॉम के निजीकरण से सब्सिडी खत्म हो जाएगी किसान-मजदूर संगठनों को आशंका है कि संशोधित बिजली बिल के जरिए सरकार पावरकॉम के निजीकरण की तरफ बढ़ रही है। व्यवस्था निजी हाथों में जाने पर सब्सिडी खत्म होगी। बिजली बहुत ज्यादा महंगी हो जाएगी। किसानों को फ्री बिजली मिलनी बंद हो जाएगी। किसान प्रीपेड मीटर हटाने की मांग कर रहे हैं। अंदेशा है कि चिप लगे मीटर बिजली की खपत नियंत्रित करने का एक तरीका हैं। किसानों का कहना है कि खेती अब फायदे का सौदा नहीं रहा। बिजली की कीमतें कम की जाएं ताकि फसल का खर्च कम हो। हिरासत में लिए कई किसान नेता, स्टेशनों पर पुलिस तैनात बटाला रेलवे स्टेशन पर भी किसान धरना नहीं दे सके। पुलिस ने सुबह ही रेलवे स्टेशन और इसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। स्टेशन से 100 मीटर पहले बैरिकेडिंग की गई। संगरूर में पुलिस की सख्ती की भनक लगने पर किसानों ने भरूर व छाजली रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। यहां पर 20 मिनट बाद पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेकर धरना हटवाया। सुनाम में सुबह 5 बजे यूनियन नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। अमृतसर में 150 से ज्यादा किसान देवीदासपुरा में रेलवे ट्रैक पर धरना देने पहुंचे। धरने के कारण 3 एक्सप्रेस और 6 डीएमयू ट्रेनों सहित कुल 9 ट्रेनें प्रभावित हुईं। पुलिस ने किसान नेताओं की धरपकड़ की। माझा, मालवा व दोआबा बेल्ट में 70 से ज्यादा किसानों को धरने से पहले सुबह 10 बजे तक गिरफ्तार कर लिया गया। धरने के बाद सभी नेता रिहा कर दिए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *