अजमेर के रामगंज गंज थाना क्षेत्र में 2 व्यापारियों की ओर से नकली फेवीक्विक पर असली लेबल लगाकर बेचने का मामला सामने आया है। कंपनी के प्रतिनिधि की ओर से रामगंज थाने में इसकी शिकायत दी गई। कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों दुकानों पर दबिश देकर 1359 नकली फेवीक्विक जब्त की है। पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामगंज थाना पुलिस के अनुसार पूर्व दिल्ली निवासी मोहम्मद अराफात ने थाने पर मुकदमा दर्ज करवाया है। पीड़ित ने शिकायत देकर बताया कि वह पिडीलाइट कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि है। उसे कंपनी से असल नकल की जांच करने और दोषी पाए गए दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कंपनी ने आदेश दिए हैं। 2 अलग-अलग मामले दर्ज पीड़ित ने शिकायत देकर बताया कि पिडीलाइट कंपनी के उत्पाद फेवीक्विक की नकली फेवीक्विक बनाकर मार्केट में बेची जा रही है। जिससे कंपनी और सरकार को आर्थिक तौर पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनी प्रतिनिधि की शिकायत पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। थाना प्रभारी के निर्देश पर टीम का गठन किया गया और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। 1089 नकली पाउच जब्त पुलिस के अनुसार पुलिस कंपनी प्रतिनिधि के साथ भगवानगंज स्थित जय जनरल स्टोर पर पहुंची जहां पर जगदीश हेमनानी नाम का व्यक्ति खड़ा था। दुकान की तलाशी ली गई तो फेवीक्विक के कुल 1089 पाउच बरामद हुए। जिसे कंपनी प्रतिनिधि द्वारा नकली उत्पाद बताया गया। दुकानदार से पूछताछ की गई तो उसने फेवीक्विक के नकली लोगों लगाकर असली की जगह बेचना स्वीकार किया। इसके बाद सभी पाउच जब्त कर दुकान मालिक जगदीश यमनानी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया। 270 पाउच जब्त पुलिस के अनुसार इसके साथ ही टीम भगवानगंज मां वैष्णो जनरल स्टोर पर भी पहुंची थी। दुकान पर भारत राजवानी नाम का व्यक्ति मिला था। दुकान की तलाशी ली गई तो वहां पर भी फेवीक्विक के कुल 270 पाउच मिले थे। दुकानदार से पूछताछ की गई तो अब आना कानी करना शुरू हो गया। सख्ती से पूछताछ करने पर फेवीक्विक की नकली हूबहू लोगों लगाकर असली की जगह बेचना स्वीकार किया। इसके बाद दुकानदार भरत के खिलाफ भी कॉपीराइट एक्ट का मुकदमा दर्ज कर माल जप्त किया गया है।


