2 साल पहले आदेश जारी, अमल नहीं:सीएम के पहले आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं अफसर, शहर के गली-मोहल्लों में खुले में बिक रहा मांस

खुले में मांस बिक्री और पशु-पक्षी काटे जाने पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आदेश 2 साल बाद पूरी तरह से कागजी हो चुका है। 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहला आदेश यही किया था कि खुले में मांस की बिक्री नहीं होगी और सार्वजनिक, धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में लाउड स्पीकर नहीं चलेंगे। इस आदेश का पालन कराने के लिए प्रदेशभर के साथ ग्वालियर में 15 से 31 दिसंबर 2023 तक विशेष अभियान चलाया गया और उसके बाद इसे लगातार जारी रखने के आदेश भी जारी हुए। लेकिन पिछले वर्ष मार्च-अप्रैल के बाद जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने इन मामलों में कार्रवाई खुद से ही बंद कर दी। जिसका नतीजा यह है कि शहर के प्रमुख बाजारों में धड़ल्ले से खुले में पशु-पक्षी काटे भी जा रहे हैं और बेचे भी जा रहे। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने बंद दी कार्रवाई मछली मंडी: उपनगर ग्वालियर के लधेड़ी में मछली मंडी मुख्य सड़क के दोनों ओर लगती है। यहां 15 दुकानें मांस बिक्री और 4 दुकानें नॉनवेज डिश बनाने-बेचने की हैं। इनमें से किसी भी दुकान पर कोई पर्दा नहीं है। मछली और जिंदा मुर्गे खुले में रखे गए हैं। इन्हें खुलेआम सड़क किनारे बैठकर काटा और पकाया जाता है। यहां बदबू के कारण सड़क से लोगों का निकलना मुश्किल हो चुका है। पिंटो पार्क: गोले का मंदिर, डीडी नगर, शताब्दीपुरम क्षेत्र के सबसे बड़ी सब्जी मंडी पिंटो पार्क पर टंकी के पास लगती है। यहीं निगम ने मांस विक्रेताओं को दुकानें दे रखी हैं। यहां 10 से अधिक दुकानों पर मुर्गा, बकरा, मछली आदि काटकर बेचे जाते हैं और एक भी दुकान पर पर्दा नहीं है। इस कारण सब्जी खरीदने के लिए आने वाले लोग विशेषकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुरार: रामलीला मैदान के पास 8 दुकानें मांस की हैं। इनके बाहर जाली-जंगलों में मुर्गे, तख्ते पर खुले में मछली और सड़क पर बकरी आदि बंधी रहती है। ये दुकानें मुरार के सबसे व्यस्त एरिया सदर बाजार के पास हैं। इसलिए यहां अन्य सामान की दुकानें भी हैं। जिन पर खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां रहने वाले लोगों को मांस और बदबू सहनी पड़ती है। थाटीपुर: जिला पंचायत के पुराने कार्यालय भवन से ठीक पहले मस्जिद के बार मांस की दुकानें चल रही हैं। इन दुकानों पर न तो काले कांच के गेट हैं और न पर्दे से कोई आड़ की गई है। बल्कि लोगों को दिखाने के लिए मुख्य रोड से लगे बिजली के खंभे से बकरियां बांध कर रखी जाती हैं और मुर्गे बाहर खुले में रखे जाते हैं। साथ ही खुले में पशु-पक्षी काटकर मांस भी बेचा जा रहा है। संयुक्त दल को कार्रवाई कर ये करानी थी सख्ती खुले में मांस बेचना प्रतिबंधित निरीक्षण कर करेंगे कार्रवाई
खुले में मांस बेचना और प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है। यदि खुले में मांस कट और बिक रहा है तो संबंधित अधिकारियों से निरीक्षण कराकर रिपोर्ट मांगी जाएगी। साथ ही कार्यवाही भी की जाएगी। – सीबी प्रसाद, एडीएम

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