राजस्थान में तीन साल पहले तक सिर्फ एक सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में था। उसकी हालत भी काफी जर्जर थी, लेकिन अब स्थिति ऐसी नहीं है। अब प्रदेश में 6 जगह सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक हैं। दो नए 2025 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। एसएमएस स्टेडियम में पिछले साल ही नया एथलेटिक ट्रैक बना है। इसके अलावा राजगढ़ स्टेडियम चूरू, विद्याधर नगर स्टेडियम जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर में ट्रैक तैयार हो गए हैं। सीकर का ट्रैक 25%, जबकि उदयपुर के खेलगांव का एथलेटिक ट्रैक का काम 60% हो चुका है, जो अगले साल तक तैयार हो जाएंगे। 70 करोड़ रु. खर्च किए, नहीं दौड़ना पड़ेगा मिट्टी के ट्रैक पर ट्रैक हो जाएंगे वर्ष 2025 तक प्रदेश में। ज्यादा खिलाड़ी सामने आएंगे एथलेटिक ट्रैक बनने से ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी सामने आएंगे। नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के प्रदर्शन में सुधार मिलेगा। जिन-जिन जिलों में नए एथलेटिक ट्रैक बने हैं, अभी वहां से ना के बराबर खिलाड़ी आगे बढ़ रहे थे। एथलेटिक ट्रैक कुछ समय पहले तक स्टेट चैम्पियनशिप तक का आयोजन मिट्टी के ट्रैक पर होता था, जबकि नेशनल के लिए चुने गए खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ना होता था। ऐसे में चुने गए खिलाड़ियों के लिए एसएमएस स्टेडियम पर कैंप लगाया जाता था। पिछले तीन-चार साल में अकेले सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बनाने पर ही करीब 70 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।


