2 साल में बनना था ब्रिज,ढाई साल बाद भी अधूरा:बरगंवा रेलवे फाटक रोज 7 घंटे बंद रहता, लोग हो रहे परेशान

सिंगरौली जिले के बरगवां में बन रहा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) लोगों के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत बन गया है। लगभग 35 करोड़ रुपए की लागत वाला यह काम अपने तय समय से काफी पीछे चल रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बरगंवा में रोज रेलवे फाटक 7 घंटे बंद रहता है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। पश्चिम मध्य रेलवे लाइन पर बनने वाले इस ओवरब्रिज का काम 22 जून 2023 को शुरू हुआ था। नियम के मुताबिक इसे 24 महीनों के अंदर मार्च 2025 तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अब 30 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और निर्माण अभी भी अधूरा है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 35.07 करोड़ रुपए है, लेकिन कंपनी समय पर अपना हिस्सा पूरा करने में नाकाम रही है। काम बंद होने से बढ़ी परेशानी स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की रफ्तार पहले से ही धीमी थी, जिसका बड़ा कारण साइट पर पर्याप्त मजदूरों का न होना है। हैरानी की बात यह है कि फिलहाल निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा है। ठेकेदार की इस लापरवाही और उदासीनता की वजह से लोग परेशान हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है। जाम के कारण लोग बेहाल ओवरब्रिज न बनने के कारण सब्जी मंडी रोड पर हर दिन भारी जाम लग रहा है। जब भी रेलवे फाटक (क्रॉसिंग नंबर 105) बंद होता है, तो दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। इस रास्ते से रोजाना 50 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। जाम की वजह से यात्रियों और लोगों का घंटों समय बर्बाद हो रहा है। अतिक्रमण और निगरानी की कमी प्रशासन ने कुछ समय पहले रास्ते से कब्जा (अतिक्रमण) हटवाया था, लेकिन निगरानी न होने की वजह से वहां फिर से दुकानें और कब्जे जम गए हैं। पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की सेतु शाखा भी इस काम की सही समय पर देखरेख नहीं कर रही है। जनप्रतिनिधियों और बड़े अधिकारियों का ध्यान भी इस लटके हुए काम की तरफ नहीं जा रहा है। कैसा है ओवरब्रिज का नक्शा? यह ओवरब्रिज बरगवां–बैढ़न मार्ग पर मझौली और बरगवां रेलवे स्टेशन के बीच बनाया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई 780 मीटर है, जिसमें से 60 मीटर का हिस्सा रेलवे को बनाना है। अगर यह समय पर बन जाता, तो हजारों लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर रुकने से आजादी मिल जाती।

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