2.5 करोड़ से बनेंगे 6 नाले ग्रेविटी ड्रेनेज पद्धति से, बिना पंपिंग के निकलेगा पानी

प्रिंस शर्मा | धौलपुर बरसात से पहले शहर को जलभराव की समस्या से स्थाई समाधान मिल सकता हैं, जिसका लाभ 60 कॉलोनियों के 80 हजार लोगों को मिलेगा। नगर परिषद मानसून से पहले शहर में एक ड्रेनेज नालों का जाल बिछा रही हैं। जिसमें छोटे नालों की कनेक्टिवटी की जाएगी। नपा ने 2.5 करोड़ रुपए की लागत से शहर में 6 नए पक्के ड्रेनेज नालों के निर्माण कार्य शुरु कर दिया हैं। नालों का निर्माण ग्रेविटी ड्रेनेज पद्धति से होगा, जिससे बिना पंपिंग सीधे पानी निकलेगा। जिसके तहत 3 नालों का निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया हैं,जबकि 3 अन्य नालों का निर्माण कार्य जल्द शुरु हो जाएगा। पहले चरण में एक नाला हुण्डावाल रोड से रतन वाटिका होते हुए उर्मिला विहार की नई रेलवे पुलिया तक,दूसरा नाला हुण्डावाल रोड से आईटीआई कॉलेज रोड की नई पुलिया से होते हुए चंबल नदी तक और तीसरा नाला राजाखेड़ा बाईपास से जिरौली फाटक ड्रेनेज तक नालों का निर्माण कराया जा रहा हैं। एक्सईएन ने बताया कि सभी नालों का निर्माण ग्रेविटी ड्रेनेज पद्धति से किया जा रहा हैं। प्रत्येक नाले की लंबाई करीब 600 मीटर होगी। इससे करीब 60 कालोनियों के लोगों जलभराव से राहत मिलेगी। ^जलभ राव की समस्या से स्थाई निजात दिलाने के लिए 6 पक्के नालों का निर्माण कराया जा रहा हैं। यह सभी नाले ग्रेविटी ड्रेनेज पद्धति से बनेंगे। जिसमें प्राक्रतिक ढलान के सहारे पानी अपने आप निकास क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगा। – गुमान सिंह सैनी,एक्सईएन सामाजिक सरोकार में कार्यरत संस्था मुस्कान सोसायटी की ओर से एनजीटी तक मामले को पहुंचाया गया था। जिस पर सुनवाई करते हुए भोपाल एनजीटी बैंच ने जलभराव की समस्या को आपदा बताते हुए धौलपुर को जल्द से जल्द जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने का आदेश दिया था। लोक अदालत ने आनंद नगर में जलभराव की समस्या का समय से समाधान नही करने पर आयुक्त अशोक शर्मा पर प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाने और गठित समिति के खाते में करीब 2 लाख रुपए की धनराशि जमा कराने का आदेश देकर मुश्किलें बढ़ा दी थी।

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