20 जनवरी को अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शपथ लेने वाले हैं। इसका असर भारत से वहां पढ़ने और नौकरी करने जाने वालों पर भी पड़ सकता है। छात्रों और वीजाधारकों को अब इमिग्रेशन के समय ज्यादा सख्ती और पुख्ता जांच का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए अधिक भारतीय छात्रों वाली यूनिवर्सिटीज और इमिग्रेशन अटॉर्नी सभी से 20 जनवरी के पहले वापस अमेरिका आने और अपने सभी दस्तावेजों को जांचने की सलाह दे रहे हैं। छात्रों से अपनी सोशल मीडिया आईडी को भी साफ सुथरा रखने के लिए कहा जा रहा है। छात्रों को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से बचने की सलाह दी जा रही है। इसकी जांच इमिग्रेशन के समय हो सकती है। भारत के 13.35 लाख छात्र वर्तमान में विदेश में पढ़ रहे हैं। अकेले अमेरिका में 3.31 लाख छात्र हैं। साल दर साल भारत से अमेरिका जाने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है। फॉरेन एजुकेशन कंसल्टेंट प्रशांत हेमनानी ने बताया कि छात्रों और इमीग्रेशन प्रक्रिया से गुजर रहे भारतीयों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा जा रहा है कि उनका वीजा कम से कम 6 महीने तक वैध हो। इसके साथ ही सभी को सलाह दी जा रही है कि अगर वीजा की अवधि समाप्त हो गई है तो अतिरिक्त समय अमेरिका में न रहें। साथ ही छात्रों को नौकरी लेने से भी रोका जा रहा है, यदि उनका वीजा इसकी अनुमति नहीं देता तो। बच्चों को 20 जनवरी से पहले भेजना चाहते हैं अभिभावक
भारत से अगले साल अमेरिका जाने के इच्छुक छात्र अब दूसरे देशों के विकल्प भी देखने लगे हैं। हालांकि अमेरिका को किसी ने भी पूरी तरह से अपने एजेंडा से हटाया नहीं है। जनवरी में अमेरिका जाने वाली 12वीं की छात्रा फाल्गुनी पिंपलकर ने भास्कर से चर्चा में बताया कि उनका वीजा पिछले महीने ही आया है। माता-पिता ने उन्हें 20 जनवरी से पहले वहां पहुंचाने के इंतजाम कर दिए हैं, जिससे आगे जाकर कोई परेशानी न हो। एच1बी और वर्क वीजा लेने वालों की भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अमेरिका में अपनी नौकरी को जारी रखने के लिए जरूरी एच1बी वीजा के नियमों में भी सख्ती आ सकती है। बोस्टन निवासी इंदौर के प्रमीत माकोडे कहते हैं, ऐसी संभावना है कि अमेरिका में प्रवेश लेने के लिए नियम सख्त होंगे। हालांकि जो भी लोग अमेरिका में सालों से रह रहे हैं और अच्छे पदों पर हैं, उन्हें परेशानी नहीं होगी। आने वाले समय में बार-बार नौकरी बदलने, कम पैकेज पर अमेरिका आने और वहां आकर किसी भी तरह के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। एच1बी वीजा पाने के लिए सरकार ने अब न्यूनतम सैलरी पैकेज 105 हजार डॉलर कर दिया है। संभवतः इसे आने वाले समय में और बढ़ाया जाएगा। इससे जहां काबिल लोगों को बेहतर पैकेज मिल सकेगा, वहीं कम सैलरी दे पाने वाली कंपनियां भारतीय कैंडिडेट्स को नौकरी नहीं दे पाएंगी।


