नागौर जिले के ग्राम झोरड़ा में लोक देवता हरिराम बाबा मंदिर के सामने स्थित बेशकीमती गोचर भूमि पर प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए उसे अतिक्रमण मुक्त कराया है। यहां खसरा नंबर 85 की कुल 23 बीघा भूमि में से लगभग 20 बीघा जमीन पर गांव के ही 26 लोगों ने अवैध कब्जा कर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी थीं। इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में दायर डीबी सिविल रिट पिटीशन संख्या 15151/2025 पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने इसे पीएलपीसी में दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे। राजस्व टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत की बेदखली उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में जिला कलेक्टर नागौर ने तहसीलदार नागौर को सख्त निर्देश जारी किए। तहसीलदार नरसिंह टाक ने राजस्व टीम के माध्यम से अतिक्रमित भूमि का विस्तृत सर्वे कराया और राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत मुकदमे दर्ज किए। इसके पश्चात नायब तहसीलदार जोधियासी के न्यायालय ने विधिवत सुनवाई करते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के आदेश पारित किए। भारी पुलिस जाप्ते के बीच चला पीला पंजा उपखंड अधिकारी गोविन्दसिंह भीचर के सुपरविजन और तहसीलदार नरसिंह टाक के नेतृत्व में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की। ग्राम पंचायत चाऊ द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाकर भूमि का कब्जा पुनः राजहक में लिया गया। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्री बालाजी थानाधिकारी ओमप्रकाश गोरा और निरीक्षक विमला के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। सरपंच सहित ग्रामीणों ने जताया आभार पूरी कार्यवाही के दौरान नायब तहसीलदार परसाराम, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिराम सारण, किशन दान चारण, मंगलाराम मेहरा सहित क्षेत्र के पटवारियों ने सक्रिय सहयोग किया। गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पर ग्राम सरपंच सुरेशदान चारण ने जिला प्रशासन और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। प्रशासन की इस सख्त कार्यवाही से क्षेत्र के अन्य अतिक्रमणकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।


