भास्कर न्यूज| बाड़मेर आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय राजस्थान पुलिस के इस ध्येय वाक्य को बाड़मेर पुलिस ने वर्ष 2025 में धरातल पर चरितार्थ कर दिखाया है। नशे के बड़े नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने से लेकर राज्य स्तर पर दूसरी सर्वश्रेष्ठ रैंक हासिल करने तक बाड़मेर पुलिस का वर्ष 2025 का रिपोर्ट कार्ड बेमिसाल रहा है। जिले ने न केवल 103 इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि पेंडेंसी के मामले में प्रदेश के टॉप-10 जिलों में अपनी जगह सुरक्षित की है। पुलिस ने जारी सालाना रिपोर्ट के अनुसार नए कानून (बीएनएस) के तहत दर्ज मामलों में पिछले साल की तुलना में 14.51% की कमी आई है। विशेष रूप से महिला अत्याचार के मामलों में 9.04% और एससी/एसटी अपराधों में 19.67% की गिरावट दर्ज की गई है। मई 2025 में सीमा पार तनाव के दौरान बाड़मेर पुलिस ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सेना के साथ बेहतरीन समन्वय दिखाया। सेना के मूवमेंट के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने और सुरक्षा अभेद्य रखने के लिए बाड़मेर एसपी को भारतीय थल सेनाध्यक्ष मेडल से सम्मानित किया गया जो राजस्थान पुलिस के लिए गौरव की बात है। बाड़मेर पुलिस ने नवाचार करते हुए मदमस्त और अनामिका अभियान चालू कर कानून व्यवस्था को सुधारा। ऑपरेशन मनुहार चलाकर 40 हजार लोगों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई गई। सामाजिक कार्यक्रमों में अफीम-डोडा परोसने की कुप्रथा पर रोक लगाने की पहल की। पुलिस ने दृश्यमान पुलिस का अभियान चलाया। जिसमें शाम 7 से 11 बजे तक भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई, जिससे रेस्पॉन्स टाइम बेहतर हुआ। ऑपरेशन मदमस्त चलाकर सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले 1890 लोगों पर कार्रवाई की गई। वहीं पुलिस ने रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें 140 चौपालें लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण किया गया। यातायात नियमों की सख्ती से पालना और ऑपरेशन अनामिका के तहत बिना नंबर व काली फिल्म वाली गाड़ियों पर कार्रवाई करते हुए 26,785 चालान किए। जिसका असर सड़क पर भी दिखा। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 2.52% की कमी दर्ज की गई है। पुलिस ने 52 बार एरिया डोमिनेशन अभियान चलाकर 1811 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही हत्या और लूट के 100% मामलों का खुलासा किया। जिला पुलिस ने वर्ष 2025 में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके देशव्यापी नेटवर्क को ध्वस्त किया है। एसपी नरेंद्र सिंह मीना के नेतृत्व में पुलिस ने सेड़वा और चवा में अवैध रूप से संचालित एमडी ड्रग्स बनाने की दो फैक्ट्रियां पकड़ी। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने करीब 97.63 करोड़ रुपए मूल्य का भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और लिक्विड केमिकल बरामद किया है। पुलिस ने फैक्ट्रियों से 79 किलो से अधिक तैयार एमडी ड्रग्स और करीब 390 किलो अवैध केमिकल जब्त किया। इसके अलावा साल भर में 3056 किलो डोडा-पोस्त और 9 किलो अफीम भी पकड़ी गई। इस अभियान के तहत 304 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 43 वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 बड़े तस्करों की 6 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति फ्रीज करवाई गई। इसके साथ ही बाड़मेर पुलिस ने रिकॉर्ड गिरफ्तारी की गई। साल भर में 103 इनामी बदमाशों और 605 टॉप-10 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। ^हमने इस साल तकनीकी साक्ष्य और बीट प्रणाली को मजबूत किया है। पेंडेंसी को 5.82% तक लाना हमारी टीम की मेहनत का नतीजा है। हमारा लक्ष्य बाड़मेर को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाना है। – नरेंद्र सिंह मीना, एसपी बाड़मेर


