केंद्र सरकार द्वारा 2027 में जनगणना कराने के ऐलान के बाद छत्तीसगढ़ में 31 जुलाई तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इस बार शहरों के अलावा अबूझमाड़ के कोने-कोने में लोगों की गिनती होगी। इसके लिए प्रदेश की जनगणना निदेशक भावना वालिंबे ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ को पत्र लिखा है। मालूम हो कि वालिंबे मध्यप्रदेश की जनगणना निदेशक हैं। उनके पास छत्तीसगढ़ का भी प्रभार है। वालिंबे ने दैनिक भास्कर को बताया कि जनगणना को लेकर केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के बाद अब राज्यों को भी नोटिफिकेशन जारी करने होंगे। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने इसके लिए प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भी पत्र भेजा है। इसकी टाइम लाइन 31 जुलाई है। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से जनगणना कैसे करानी है, इसे लेकर गाइडलाइन जारी की जाएगी। नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए जो केंद्र सरकार के निर्देश होंगे, उसके अनुसार काम होगा। एसीएस होम पिंगुआ ने बताया कि हमें नोटिफिकेशन के लिए पत्र मिला है। जनगणना के लिए गृह विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। वो बातें, जो आपको जानना जरूरी अंदरूनी क्षेत्रों में ऑफलाइन गिनती राज्य की अनुमानित जनसंख्या 3.25 करोड़ होने की संभावना है। नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहे बस्तर में इस बार जनगणना का विशेष महत्व होगा। पहली बार अबूझमाड़ में लोगों की गिनती हो सकेगी। नक्सल प्रभावित बस्तर के लिए रजिस्ट्रार जनरल विशेष प्लान या गाइडलाइन जारी कर सकते हैं। कुछ साल पहले इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष प्रस्ताव भी भेजा था। तब नक्सलवाद चरम पर था। अब हालात बदले हैं। अब बस्तर के अंदरूनी इलाकों में भी सरकारी तंत्र की पहुंच बनी है। संभावना है कि अंदरूनी एवं कमजोर नेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन गिनती की जा सकती है।


