पंजाब का शिक्षा विभाग स्कूल हैड के खाली पदों के कारण पिछले काफी दिनों से सुर्खियों में है। यही हाल शिक्षा के प्राइमरी विभाग में भी सामने आया है। पंजाब के 228 ब्लॉकों में से 93 ब्लाकों में ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी के पद खाली पड़े है। एक ब्लाक में औसतन 50 के करीब प्राइमरी स्कूल होते हैं, ब्लॉक के प्राइमरी स्कूलों का हैड ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी होता है। गवर्नमेंट टीचर यूनियन द्वारा ब्लॉक के ब्लाक प्राइमरी शिक्षा का डाटा इकट्ठा करने से बाद पेश की रिपोर्ट में हैरानीजनक बातें सामने आई हंै। यूनियन का कहना है कि रूपनगर जिला, जिस जिले से शिक्षा मंत्री संबंध रखते हैं इस जिले में 10 ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी के पदों में से 9 पद खाली हैं जो जिले में एक ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी काम कर रहा है वह भी दूसरे जिले में बदली करके भेजा गया है। यही हाल बठिंडा जिले का है, जहां ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी के 7 पद हैं और 6 खाली हैं। गवर्नमेंट टीचर यूनियन के पंजाब प्रधान सुखविंदर सिंह चाहल, जनरल सेक्रेटरी गुरबिंदर सिंह, अमनदीप शर्मा और प्रेस सेक्रेटरी करनैल फिल्लौर ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में प्रिंसिपलों, मुख्य अध्यापकों और ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों के पद खाली होना यह बात को दर्शाता है कि पंजाब सरकार शिक्षा प्रति गंभीर नहीं है। यूनियन ने मांग की है कि सरकार सच में शिक्षा प्रति गंभीर है तो पहल के आधार पर प्रिंसिपलों, मुख्य अध्यापकों, अध्यापकों और ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों के पदों को भरे उसी से पढ़ाई का स्तर ऊंचा होगा। किस जिले में कितने पद खाली… यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि पंजाब में 228 ब्लाकों में से 135 पद भरे हैं और 93 पद खाली है, जिसमें रोपड़ कुल पोस्ट 10, खाली 9, भटिंडा 7 में से 6 खाली, होशियारपुर 21 में से 16 खाली, कपूरथला 9 में से 6 खाली, अमृतसर 15 में से 10 खाली, मलेरकोटला 3 में से 2 खाली, मानसा 5 में से 3 खाली, पठानकोट 7 में से 4 खाली, फतेहगढ़ साहिब 8 में से 3 खाली, मोहाली 8 में से 3 खाली, जालंधर 17 में से 6, तरनतारन 9 में से 3, बरनाला 3 में से 1, संगरूर 9 में से 3, गुरदासपुर 19 में से 6, लुधियाना 19 में से 5, मोगा 6 में से 1, मुक्तसर 6 में से 1, पटियाला 16 में से 2 खाली हैं।


