प्रदेश में 25 करोड़ रुपए से अधिक लागत की हर योजना की मुख्यमंत्री कार्यालय से ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए ई-प्रगति पोर्टल बनाया गया है। इसके जरिए किसी भी बड़े निर्माण कार्य में मंजूरी से लेकर मजदूरी भुगतान और प्रगति रिपोर्ट तक हर चरण पर नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों के सचिवों और सभी कलेक्टरों समेत तमाम अधिकारियों को योजनाओं की रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने के आदेश दिए। नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में साय कहा कि गुड गवर्नेस कागजों में नहीं, लोगों के जीवन में बदलाव और अफसरों के काम में दिखना चाहिए। समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े, यही इसका उद्देश्य है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकास शील, डीजीपी अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, एससीएस गृह मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सुशासन व अभिसरण सचिव राहुल भगत व संचालक रजत बंसल भी मौजूद थे। पुरस्कृत विभागों में यह नवाचार शिक्षा : विद्या समीक्षा केंद्र से 56,000 स्कूल, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख छात्रों की निगरानी हो रही। { वाणिज्य व उद्योग : वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से 136 सेवाओं की शिकायत निवारण और निरीक्षण। { वाणिज्य कर (आबकारी) : समग्र ई-गवर्नेंस से एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण। ₹5425 करोड़ का राजस्व संग्रह। वन व जलवायु परिवर्तन : ई-कुबेर डिजिटल प्रणाली से नक्सल क्षेत्र में ₹1776 करोड़ के 18 लाख कैशलेस लेन-देन। {पंचायत व ग्रामीण विकास: मनरेगा में QR कोड आधारित प्रणाली से योजना की जानकारी आसान। मध्यस्थ खत्म। जिला श्रेणी के विजेता दंतेवाड़ा: ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण से मैनुअल प्रक्रिया खत्म कर छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की। { जशपुर: निर्माण जशपुर पहल से 7300 परियोजनाओं व 444 ग्राम पंचायतों में जियो-टैगिंग व रियल-टाइम निगरानी संभव। मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी: संवर्धित टेक-होम राशन से कुपोषण का समाधान। जहां 77.5% बच्चों की स्थिति में सुधार। { गरियाबंद: हाथी ट्रैकिंग व अलर्ट ऐप ने मानव-वन्यजीव संघर्ष कम किया। फसल क्षति कम हुई। अन्य राज्यों ने भी अपनाया। { नारायणपुर: इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल ने रियल-टाइम और पूर्वानुमान आधारित डेटा एकीकरण से 100 अभियानों का संचालन।


