भास्कर न्यूज | गेवरा दीपका खेल हो या कोई भी क्षेत्र अगर जुनून व जज्बा हो तो सफलता हासिल करने में उम्र बाधा नहीं बन सकती। यह साबित किया है एसईसीएल की गेवरा परियोजना में पदस्थ ओवरमैन उमेशधर दीवान ने। एसईसीएल गेवरा स्टेडियम में आयोजित इंटर एरिया एथलेटिक्स प्रतियोगिता भाग लेते हुए 53 वर्षीय दीवान ने साइकिल रेसिंग में गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे। उनकी इस सफलता पर ग्राउंड में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर उनकी जीत की खुशी में शामिल हुए और आगे भी इसी तरह का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। यहां बताना होगा कि दीवान 25 साल बाद साइकिल रेसिंग का हिस्सा बनने मैदान में उतरे थे। उम्र के इस पड़ाव में एसईसीएल की गेवरा एरिया का प्रतिनिधित्व करने वाले दीवान पर प्रबंधन ने मानो एक तरह से दाव खेला था, जिस पर वे खरा उतरकर प्रबंधन के विश्वास को कायम रखे। वे वर्ष 1994 से 2000 तक लगातार साइकिलिंग स्पर्धाओं में हिस्सा लेते रहे हैं और कंपनी स्तर पर खेलते हुए उन्होंने एसईसीएल का नाम उपर रखा। एसईसीएल में उनके सहयोगी कर्मियों एवं खिलाड़ी दोस्तों ने इंटर एरिया एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियां कम होने पर उन्हें भी लगा कि एक बार फिर अपने खेलप्रेमियों के लिए मैदान में उतरना ही चाहिए। इंटर एरिया प्रतियोगिता के कुछ दिनों पहले से उन्होंने पुन: अभ्यास करना शुरू किया। स्पर्धा में उम्मीद से अपना बेहतर प्रदर्शन किया। पारिवारिक जिम्मेदारियों ने खेल से दूर कर दिया था दीवान ने बताया कि वर्ष 2000 में उनका विवाह हुआ। उसके बाद वे ड्यूटी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों में बंधे रहे। यूं कहें कि तब तक वे खेल से दूर रहे। बच्चों की पढ़ाई और पत्नी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पूरा समय लगने के कारण वे साइक्लिंग को पर्याप्त समय नहीं दे पाए। बाद में उनकी पत्नी ने सीजी पीएससी में सफलता प्राप्त की और सेल टैक्स ऑफिसर के पद पर चयनित हुईं। वर्तमान में इनकम टैक्स कमिश्नर दुर्ग के रूप में पदस्थ हैं।


