बालाघाट के नगरीय क्षेत्र स्थित गायखुरी आवासटोली में पिछले 25 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों का सब्र अब जवाब दे गया है। सालों से शासकीय भूमि पर बसे होने के बावजूद पट्टा न मिलने के कारण इन परिवारों को सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांग दोहराई। निवासी गायत्री चाकोले ने बताया कि आवासटोली में करीब 70 गरीब परिवार दो दशकों से ज्यादा समय से रह रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये परिवार नगरपालिका को नियमित रूप से मकान टैक्स भी भर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) देने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि पट्टा न होने की वजह से वे प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित हैं। नेताओं और प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव के समय नेता पैर पड़कर वोट मांगते हैं और मदद का भरोसा देते हैं, लेकिन जीतते ही सब भूल जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं, उन्हें आवास योजना का लाभ मिल रहा है, जबकि असली जरूरतमंद आज भी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। गुरुवार से कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन की चेतावनी लगातार मिल रहे कोरे आश्वासनों से परेशान होकर इन परिवारों ने प्रशासन को आखिरी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि पट्टे देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं की गई, तो वे गुरुवार से अपने पूरे परिवार और बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे।


