भास्कर न्यूज| रायगड़ा विश्व स्तर पर बॉक्साइट खनन के लिए प्रसिद्ध रायगड़ा जिले के काशीपुर ब्लॉक में तनाव की स्थिति है। उत्कल एल्युमिना इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रभावित आदिवासी और स्थानीय परिवारों ने कंपनी की वादाखिलाफी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार से कंपनी के आरएमपी गेट के सामने ””प्रभावित एसोसिएशन”” द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष नाथ माझी ने एक अभूतपूर्व मांग रखी है। उन्होंने कहा कि केवल एक बार का मुआवजा काफी नहीं है। प्रभावित परिवारों को कंपनी में 0.01% स्थायी शेयर हिस्सेदारी दी जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों की आर्थिक और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रिफाइनरी स्थापित हुए 18 साल बीत गए, लेकिन स्थानीय लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। 2012 से प्रभावितों को मिलने वाला मासिक अलाउंस बंद कर दिया गया। बागिरिझोला क्षेत्र के भूमि स्वामियों को आज तक ””लैंड लॉस सर्टिफिकेट”” और ””गेट पास”” नहीं मिला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब भी वे हक मांगते हैं, कंपनी पुलिस के जरिए लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने का प्रयास करती है। ग्रामीणों ने कंपनी पर पर्यावरण विनाश का गंभीर आरोप लगाया है। बेल्ट कन्वेयर का कंपन, रेड मड पॉन्ड का रिसाव और चिमनियों के धुएं से जल स्रोत प्रदूषित हो चुके हैं और खेती नष्ट हो रही है। क्षेत्र में त्वचा और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। इसके समाधान के लिए हाड़ीगुड़ा और अंडीराकांच में 50 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल और एम्बुलेंस की मांग की गई है। शेयर हिस्सेदारी : कंपनी में 0.01% की भागीदारी। रोजगार : शिक्षित आदिवासी युवतियों को तकनीकी प्रशिक्षण और स्थायी नौकरी। शिक्षा : बंद की गई रात्रि शिक्षा व्यवस्था को पुनः शुरू करना। बीमा : दुर्घटना बीमा की राशि को बढ़ाकर ₹10 लाख करना। मुआवजा : प्रदूषित मिट्टी के बहाव से नष्ट हुई फसलों का तत्काल हर्जाना।


