भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार की ओर से कोऑपरेटिव सोसायटियों को अलग-अलग विभागों में काम लेने के लिए दी गई सुविधाओं का नोटिफिकेशन 7 महीने से खत्म हो चुका है, जिसके चलते इसके तहत काम करने वाली कोऑपरेटिव सोसायटियां सरकारी कंस्ट्रक्शन आदि के काम नहीं ले पा रही है। नतीजतन पूरे पंजाब में करीब 2811 सोसायटियों के सवा लाख के करीब लोग बेरोजगारी की कगार पर है और इसका फायदा अन्य बड़ी फर्मों को हो रहा है। बता दें कि पंजाब सरकार की ओर से 4 नवंबर 2019 को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें साफ तौर पर स्पष्ट कहा गया था कि सरकारी विभागों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में करवाए जाने वाले सरकारी काम सोसायटियों के लिए 60 लाख रुपए तक के सारे स्किल्ड काम सिर्फ सहकारी सोसायटियों के लिए रिजर्व रखे गए थे और स्किल्ड काम 6.50 लाख रुपए का लेने के लिए कोई बयाना रकम जमा करवाने से छूट दी गई थी। इस नोटिफिकेशन की मियाद 13 अगस्त 2024 तक थी जोकि निकल चुकी है। इस नोटिफिकेशन में कुछ संशोधन के लिए अगले पांच सालों के लिए वृृद्धि करने के लिए केस सरकार के पास लगभग पिछले एक साल से पेंडिंग पड़ा हुआ है। नेशनल लेबर कोऑपरेटिव फैडरेशन ऑफ इंडिया लिमिट और द अमृतसर कोऑपरेटिव लेबर एंड कंस्ट्रक्शन यूनियन लिमिटेड के डायरेक्टर पवन गुप्ता ने बताया कि सरकार की ओर से 1952-53 में देशभर में कोऑपरेटिव सोसायटी का गठन किया गया था। इन सोसायटियों मे जो मैंबर है, वह कम पढ़े लिखे हैं और गरीब वर्ग से संबंधित हैं। सरकार की ओर से वर्ष 1957 से कच्चे और पक्के काम काम कुछ रकम तक के रिजर्व रखते हुए कई अन्य सुविधाएं इन सोसायटियों को दी गई थी। सरकार की ओर से समय-समय पर इस संबंधी नोटिफिकेशन में संशोधन होते रहते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से सोसायटियों की समस्याओं को डील करने के लिए 16 अगस्त 1979 को एडवाइजरी बोर्ड का गठन कोऑपरेटिव विभाग के मंत्री की अध्यक्षता में किया गया है। इस समय यह विभाग पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास है। पंजाब सरकार की ओर से समय-समय पर अलग-अलग काम देने वाले विभागों के मुखियों व उच्चाधिकारियों को साथ मीटिंग करके नोटिफिकेशन में संशोधन सहित वृद्धि की जाती रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से जारी उक्त नोटिफिकेशन 4 नवंबर 20219 को किया गया था, जिसकी अंतिम तिथि 13 अगस्त 2024 को खत्म हो चुकी है में वृद्धि न करने के कारण लगभग 2811 सोसायटी के करीब सवा लाख से अधिक मेंबरों को अलग-अलग काम देने वाले विभाग में काम मिलने बंद हो गए हैं, जिससे सोसायटी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि नोटिफिकेशन की तारीख खत्म होने के 7 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, जबकि इस नोटिफिकेशन की तिथि में संशोधन करने के लिए केस लेबरफेड पंजाब चंडीगढ़ की ओर से सरकार को पिछले एक साल से भेजा हुआ है। उन्होंेने पंजाब सरकार से मांग की है कि वह जल्द ही बैठक बुलाकर नोटिफिकेशन की तारीख में वृद्धि की जाएं।


