290 क्विंटल चावल में 3 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल मिला की जा रही कालाबाजारी : टीटू

भास्कर न्यूज | संगरूर पंजाब का शैलर उद्योग लगातार गंभीर संकटों से जूझ रहा है, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर बनती है। ताजा मामला फोर्टिफाइड चावल की कालाबाजारी से जुड़ा है, जिस पर एफसीआई की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। यह बात लोकल शैलर एसोसिएशन के प्रधान वरिंदरपाल सिंह टीटू ने सोमवार को एसोसिएशन की बैठक कही। टीटू ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार 290 क्विंटल चावल में 3 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल मिलाया जाता है। इसके लिए केंद्र द्वारा कुछ चुनिंदा कंपनियों को ही अधिकृत किया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई कंपनियां फोर्टिफाइड चावल की खुलेआम कालाबाजारी कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 40 रुपए प्रति किलो की दर वाला यह चावल 20 रुपए प्रति किलो महंगा ब्लैक में बेचा जा रहा है, जबकि एफसीआई इस पर कोई सख्ती नहीं दिखा रहा। उन्होंने मांग की कि इस कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाई जाए। टीटू ने कहा कि संगरूर के आसपास के कई केंद्रों में चावल के दो-दो, तीन-तीन चक्र गोदामों में लग चुके हैं, जबकि संगरूर के शैलरों को अब तक केवल एक ही चक्र मिला है। उन्होंने बताया कि संगरूर केंद्र पर वर्ष 2023-24 का करीब एक लाख मीट्रिक टन चावल गोदामों में पड़ा है, जिसके खराब होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि एफसीआई जल्द से जल्द पुराने चावल को गोदामों से उठवाए, ताकि नए सीजन का चावल भंडारित किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगरूर से पंजाब स्तर का संघर्ष शुरू किया जाएगा। इस मौके पर सौरव गोयल, अंकुर गर्ग, अमित गोयल, यादविंदर गोरा, गुरमेल सिंह, जोगिंदर कुमार निक्का, अंकित बांसल, दिनेश कुमार, बबलू, सैंडी, राजीव गर्ग, कमल मित्तल, कृष्ण बांसल, परमजीत शर्मा, गगनदीप सिंह आदि उपस्थित थे।

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