पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर बीकानेर तक हो रहा है। आसमान में ऊपरी सतह पर बादल और धुंध होने के कारण नमी जमीन तक नहीं आ रही, इसलिए तापमान नीचे नहीं आ रहा। दो दिन में यह 14 डिग्री तक भी जा सकता है, मगर 3 दिसंबर से जैसे ही आसमान साफ होगा, वैसे ही पारा 3 से 5 डिग्री तक नीचे आएगा। दरअसल पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जगह बारिश का दौर चल रहा है। पश्चिमी राजस्थान इससे अछूता है क्योंकि यहां विक्षोभ का कोई असर नहीं, पर आसमान की ऊपर सतह में बादल छाए हुए हैं। बादलों के कारण नमी जमीन तक कम आ पाती है, इसलिए रात का तापमान बढ़ता है। यही बीकानेर में हो रहा है। बीती रात का न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो आने वाले दो दिन और रहने के आसार हैं। यह सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा है। हालांकि दिन में हवा तो चली, मगर पूर्वी नहीं रही। पूर्वी हवा चलते ही ठिठुरन शुरू हो जाएगी। यानी अभी 11 डिग्री तापमान रहना चाहिए, जो पहले रह भी चुका, मगर विक्षोभ के कारण उथल-पुथल हो रही है। यह रहेगा एक सप्ताह का तापमान 29 को दिन का 28, रात का 12• 30 को दिन का 28, रात का 14• 1 दिसंबर को दिन का 28, रात का 14• 2 को दिन का 28, रात का 12• 3 को दिन का 22, रात का 9 डिग्री• 4 को दिन का 22, रात का 8 डिग्री पहाड़ी हवाएं बढ़ाएंगी सर्दी दरअसल 28 से 2 दिसंबर तक कट-टू-कट दो विक्षोभ आ रहे हैं। दोनों का ही बीकानेर में सीधे कोई असर नहीं, मगर 2 को विक्षोभ खत्म होते ही पूर्वी हवाएं चलनी शुरू होंगी। पूर्वी हवाएं बर्फीले पहाड़ों से होकर आती हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर और हिमालय क्षेत्र शामिल है। बीकानेर में पूर्वी हवाएं ही सर्दी बढ़ाती हैं, क्योंकि बर्फीली हवाएं सीधे तापमान को गिरा देती हैं। 3 दिसंबर से हवाएं बदलते ही दिन और रात का पारा औंधे मुंह गिरेगा। असली सर्दी दिसंबर के पहले सप्ताह से ही शुरू होगी।


