3 बच्चों की मौत के बाद गांव में मातम:उज्जैन में 25 साल की परंपरा तोड़ेंगे पीरझालर के ग्रामीण, कहा- माताजी की स्थापना नहीं होगी

उज्जैन की चंबल नदी में हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे के बाद मृतक बच्चों के गांवों में मातम पसरा हुआ है। गांव में घुसते से ही रोने का शोर सुनाई दे रहा है। पूरा पीरझालर गांव गमगीन है। किसी के पिता को बेटे की मौत की खबर नहीं है, तो कोई अब भविष्य में मूर्ति स्थापना से ही इनकार कर रहा है। चंबल नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली के गिरने से हुए हादसे में अब तक तीन बच्चों की दुखद मौत हो चुकी है। वहीं, दो बच्चे अंश और आदित्य का इंदौर के चोइथराम अस्पताल में इलाज जारी है। घटना में जिन बच्चों की मौत हुई उनमें पृथ्वीराज पिता दिनेश चौहान (16), वंश पिता अर्जुन चौहान (8) को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पीरझलार गांव से देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर चंबल नदी पहुंचे थे। विसर्जन के बाद किसी बच्चे ने ट्रैक्टर में लगी चाबी घुमा दी। ट्रैक्टर-ट्रॉली आगे बढ़ी और नदी में जा गिरी। इससे 12 बच्चे पानी में गिर गए थे। 11 को बाहर निकाल लिया गया था। बाद में लापता बच्चे का शव भी बरामद हो गया। लापता हुए शुभम चौहान (16) का शव शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे निकाला जा सका। इसके बाद शुभम का शुक्रवार दोपहर को अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव जाकर हमने उनके परिजन से बातचीत की तो उनका दर्द छलक उठा। पिता को अब तक बेटे की मौत की खबर नहीं
गांव में जिन तीन बच्चों की मौत हुई, उनके घर 100 मीटर की दूरी पर ही हैं। भास्कर की टीम गांव पहुंची, तो एंट्री करते ही दूसरा मकान मृतक शुभम का था। इसी घर के सामने वंश और थोड़ी आगे पृथ्वी राज का मकान है। पिता को बताया कि बेटा अस्पताल में है
तीनों घरों से रोने की आवाजें आ रही हैं। सबसे पहले वंश के घर पहुंचे। पिता अर्जुन नहीं मिले। परिवार के जीवन सिंह परमार ने बताया कि अर्जुन इंदौर में है। दूसरे बेटे अंश का इलाज करवा रहे हैं। 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी वंश की मौत की खबर उन्हें नहीं दी गई है। उन्हें सिर्फ ये मालूम है कि बेटे वंश का इलाज उज्जैन में चल रहा है और वो ठीक है। दोनों भाई ट्रैक्टर के आगे वाले हिस्से में बैठे थे
जीवन सिंह ने बताया कि गांव के अर्जुन चौहान के दोनों बेटे वंश और अंश माता की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए गए थे। दोनों भाई हंसते खेलते ट्रैक्टर के आगे वाले हिस्से में बैठे थे। ट्रैक्टर के गिर जाने की घटना के बाद बड़े भाई वंश की मौके पर ही मौत हो गई थी। अंश को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ग्रामीणों का फैसला अब माताजी की स्थापना नहीं करेंगे
यही हाल मृतक पृथ्वीराज के घर का है। पिता दिनेश चौहान का रो-रोकर बुरा हाल है। 16 वर्षीय होनहार बेटे की मौत से वे टूट चुके हैं। चाचा जय चौहान ने बताया कि पृथ्वीराज बहुत होशियार था। हर साल 90 प्रतिशत से ऊपर अंक लेकर पास होता था। वो दूसरे कामों में भी आगे था। घर का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन है। घर के सामने ही माता विराजित की जाती हैं। पृथ्वीराज हर साल आयोजन में भाग लेता था। मूर्ति विसर्जित करने जाता था। गुरुवार को घर से बोलकर निकला था कि जल्द लौट आऊंगा। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। तीन बच्चों की मौत से गांव वाले इतने दुखी हैं कि उन्होंने पिछले 25 साल से चली आ रही परंपरा को तोड़ने का फैसला लिया है। ग्रामीणों ने कहा- अब आगे से गांव में इस जगह पर माता की प्रतिमा विराजित नहीं करेंगे। कुछ सेकेंड पहले ट्राॅली से कूदे और बच गई 3 जिंदगी
मृतक शुभम के छोटे भाई तनुष चौहान, करण और अमित तीनों मूर्ति विसर्जन करने ट्रैक्टर में साथ गए थे। तीनों ट्राॅली में पीछे बैठे हुए थे। तनुष ने बताया कि जैसे ही किसी ने ट्रैक्टर को चालू किया, वैसे ही ट्रैक्टर आगे जाने लगा। कुछ ही सेकेंड में ट्रैक्टर रेलिंग तोड़कर नदी में गिर गया। हम भी ट्राॅली में बैठे थे, लेकिन ट्रैक्टर के नदी की ओर जाते ही किसी ने आवाज लगाई कूदने के लिए। मैं, अमित और करण तीनों पीछे ट्राॅली से कूद गए। जिसके कारण हमारी जान बच गई। ट्रैक्टर हमारे सामने ही नदी में समा गया। सीएम के आने से पहले ब्रिज की रेलिंग की मरम्मत
ट्रैक्टर-ट्राॅली के नदी में गिरने के कारण ब्रिज की रेलिंग टूट गई थी। सीएम के आने की खबर लगते ही जिला प्रशासन ने तत्काल रेलिंग को ठीक करवा दिया। घटना के 24 घंटे के भीतर आधा दर्जन लोगों की टीम वेल्डिंग मशीन लेकर पहुंची। इस दौरान कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने घटनास्थल का जायजा भी लिया। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 1. उज्जैन ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में तीसरी मौत उज्जैन की चंबल नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली गिरने से लापता शुभम चौहान (16) का शव शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे निकाला जा सका। हादसे के करीब 21 घंटे बाद एसडीईआरएफ की टीम ने शव पानी से बरामद किया। पढ़ें पूरी खबर… 2. नदी में गिरी बच्चों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, 2 की मौत उज्जैन में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रेलिंग तोड़कर चंबल नदी में गिर गई। इस हादसे में 12 बच्चे नदी में गिर गए। इनमें से 11 को स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। चार बच्चों को गौतमपुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान दो बच्चों की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…

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