राज्य सरकार वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 3 मार्च को विधानसभा में पेश करेगी। लेकिन, योजना बजट की तैयारी अबतक रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। करीब एक दर्जन विभागों ने पूर्ण योजना आलेख योजना विभाग को नहीं भेजा है। वैसे वित्त विभाग ने संबंधित विभागों को उनकी योजना उदव्यय भेज दिया है, पर उसके अनुसार योजना आलेख नहीं आया है। योजना विभाग के प्रधान सचिव ने सभी विभागों को तुरंत योजना आलेख और स्कीम लिस्ट भेजने की हिदायत दी है। साथ ही, पिछले साल की घोषणा पर हुई कार्यवाही की रिपोर्ट हर हाल में 10 फरवरी तक देने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पेश बजट भाषण में 71 योजनाओं की घोषणाएं की थी। इनमें से अधिकतर योजनाएं अधूरी हैं। करीब दो दर्जन से अधिक योजनाएं शुरू ही नहीं हुई हैं। एक दर्जन घोषणा पर पिछले माह तक केवल विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश ही जारी किया गया है। इसे राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। अधिकतर विभागों ने बजट के लिए योजना मांग पत्र और अंतिम आलेख योजना विभाग को भेजा ही नहीं है। बहरहाल, स्कीम बजट कैसे बने, यह सरकार के लिए चुनौती है। स्थापना बजट का काम संतोषजनक
वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने जनवरी के पहले सप्ताह से स्थापना खर्च बजट को लेकर विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर चुके हैं। इनमें बजट मांग पत्र के अनुसार विभागों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं या नहीं, इसकी समीक्षा की। राज्य सरकार के लिए मंईयां योजना, बिजली माफी और खाली पदों पर होने वाली नियुक्तियों के लिए राशि जुटाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 1 लाख 29 हजार करोड़ रुपए का मूल बजट है। इनमें 79,783 करोड़ रुपए का योजना बजट है। इसके अलावा सरकार दो अनुपूरक बजट भी विस से पारित कराई है। योजना सचिव विभागों को दो बार भेज चुके हैं स्मारपत्र योजना सचिव ने 14 नवंबर 2024 को ही सभी विभागों 7 जनवरी तक हर हाल में अगले बजट का वार्षिक योजना प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था। नहीं आने पर चिंता जताते हुए योजना विभाग ने दो बार स्मार पत्र भेजकर वार्षिक योजना आलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इधर, संसाधन आधारित प्लान लेआउट को लेकर योजना बजट की तैयारी शुरू हुई है। मोटे तौर पर अभी राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के आधार पर बजट बनाने की तैयारी चल रही है। 7 जनवरी तक सभी विभागों से हर हाल में मांगे गए थे योजना प्रस्ताव, अब 10 फरवरी तक बजट घोषणा पर कार्रवाई प्रतिवेदन देने की हिदायत 50 से अधिक छोटी-बड़ी योजनाएं शामिल की जाएंगी : वित्त विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार ने कहा था कि सिंचाई के क्षेत्र में झारखंड के किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने हेतु कई सुझाव प्राप्त किए गए। पुराने सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, वाटर बॉडीज को मजबूत करने के साथ साथ गांव में नए तालाब बनाने पर जोर दिया जाएगा। प्राप्त सुझावों पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। जल संसाधन की कई योजनाओं पर काम चल रहा है। साथ ही, आगामी बजट में 50 से अधिक छोटी बड़ी योजनाओं को शामिल किया जाएगा। दो दिन तक हुई विशेषज्ञों के साथ संगोष्ठी वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर 2025-26 के बजट के लिए 16 और 17 जनवरी को विशेषज्ञों व अफसरों के साथ संगोष्ठी कर चुके हैं। इसमें कृषि, सिंचाई, वन-पर्यावरण, ग्रामीण विकास, आजीविका मिशन, नगर विकास, पर्यटन, उद्योग, खान एवं भूतत्व, श्रम एवं कौशल विकास पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए। किशोर ने कहा था कि इन सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा। संगोष्ठी का उद्देश्य हर तबके, जंगल व दूर-दराज बसे गरीब लोगों और किसानों के चेहरे पर खुशहाली लानेवाले सुझावों को प्राप्त करना था। वित्त मंत्री ने कहा था कि 2025-26 के बजट को अबुआ बजट नाम दिया गया है।


