3 लाख में फर्जी हथियार लाइसेंस:QR कोड में भिंड का नाम, लेकिन रिकॉर्ड में कहीं नहीं

ग्वालियर-चंबल में बंदूक- पिस्टल के प्रति शौक किसी से छिपा नहीं है। वर्षों से यहां यह कहावत चलती रही है कि घर में शौचालय न हो, लेकिन हथियार जरूर मिलेगा। अब यही शौक लोगों को कानून तोड़ने की राह पर ले जा रहा है। हथियार लाइसेंसों पर सख्ती और नए लाइसेंस लगभग बंद होने के चलते ग्वालियर-चंबल के कई लोग फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियार खरीद रहे हैं। भास्कर पड़ताल में सामने आया है कि इन जिलों में जम्मू और भिंड से बने फर्जी हथियार लाइसेंस से सैकड़ों हथियार खरीदे जा चुके हैं। इन कागजों पर बाकायदा क्यूआर कोड छापा गया है। जब इन्हें कलेक्टर ऑफिस और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जांचा गया, तो दोनों ही जगह इनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। अधिकारियों ने इन्हें फर्जी करार दिया है। भास्कर की टीम ने 45 दिन तक मप्र के भिंड और ग्वालियर, उप्र के इटावा-लखना और जम्मू-कश्मीर के जम्मू में पड़ताल कर इस फर्जीवाड़े की पूरी चेन को समझा। भिंड एसपी असित यादव ने बताया कि फर्जी आर्म्स लाइसेंस के मामले में जांच जारी है। खतरा इसलिए भी….. जम्मू गृह मंत्रालय की सील लगे लाइसेंस
कल्याण सिंह कुशवाह(आसोना बढ़ेरा मौ भिंड), स्वीकृत शस्त्र- एनपी बोर राइफल, रिवॉल्वर, पिस्टल
स्वीकृत कारतूस- 50-100
कमलेश पुत्र लायकराम(भगवनपुरा सिरसौद, मुरार ग्वालियर), स्वीकृत शस्त्र- रिवॉल्वर, पिस्टल, एनपी बोर राइफल
स्वीकृत कारतूस- 50-100
(इन लाइसेंस पर गर्वमेंट ऑफ जम्मू कश्मीर होम डिपार्टमेंट और अंडर सेक्रेटरी टू गर्वमेंट होम डिपार्टमेंट की सील लगी है) डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट भिंड की सील लगा लाइसेंस
अजीत सिंह पुत्र रामजीलाल सिंह(कृष्णा नगर थाना देहात भिंड) स्वीकृत शस्त्र- एक रिवॉल्वर पिस्टल, स्वीकृत कारतूस- 10-25
(लाइसेंस पर ऑफिस टू डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट भिंड एमपी और अपर जिला दंडाधिकारी जिला भिंड की सील लगी है और वर्तमान एडीएम एलके पांडेय के हूबहू हस्ताक्षर है) एडीएम के फर्जी हस्ताक्षर, डुप्लीकेट लाइसेंस की सील
भिंड के कृष्णा नगर निवासी अजीत सिंह के लाइसेंस पर अपर जिला दंडाधिकारी एलके पांडेय जैसे हस्ताक्षर और डुप्लीकेट लाइसेंस जारी करने की सील लगी है। लाइसेंस पर पूरे भारत की वैधता और 2028 तक की अवधि दर्ज है, लेकिन कलेक्ट्रेट की आर्म्स शाखा में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। एडीएम एलके पांडेय का कहना है- मैंने ऐसे किसी लाइसेंस पर हस्ताक्षर नहीं किए। जम्मू के लाइसेंस भिंड में चढ़ ही नहीं रहे हैं। महाराष्ट्र के युवकों के भिंड से बने फर्जी लाइसेंस:
भास्कर टीम के हाथ लगे फर्जी लाइसेंस में हेमंत राजेंद्र देवरे और राहुल दौलत पाटिल महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, लेकिन इन दोनों के फर्जी लाइसेंस भिंड से आर्म्स लाइसेंस के पोर्टल पर ऑनलाइन किए गए हैं। लखना के आर्म्स डीलर अटल सिंह ने भी हिडन कैमरे पर टीम को बताया था कि आप तो ग्वालियर के लोगों के आधार दीजिए, उनमें परिवर्तन करवाकर लाइसेंस भिंड से बनवाए जाएंगे। यानी महाराष्ट्र के इन दोनों युवकों के लाइसेंस भी आधार में परिवर्तन करवाकर भिंड का पता लिखवाया गया है। ग्वालियर-चंबल में ऐसे सैकड़ों हथियार… कलेक्टर-एसपी दफ्तर में रिकॉर्ड नहीं ग्वालियर में स्टिंग… डीलर बोला- तीन (लाख) लेते हैं, आधार, पैन, फोटो दें… लाइसेंस ऑनलाइन करवाकर देंगे उप्र के इटावा जिले के लखना कस्बे में अटल सिंह कुशवाह आर्म्स एंड एम्युनिशन नाम से दुकान चलाता है। 19 दिसंबर को अटल ने भास्कर टीम से ग्वालियर के सिटी सेंटर में चाय की गुमठी के बाहर मुलाकात की। उसने बताया कि हथियार लाइसेंस के लिए ₹3 लाख लिए जाते हैं, जबकि हथियार की कीमत अलग होती है। लाइसेंस बनने में 6 माह लगते हैं, लेकिन प्रक्रिया इससे पहले ही पूरी हो जाती है। सिंह ने बताया कि आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो देने पर लाइसेंस ऑनलाइन करवा दिया जाता है। दावा था कि एक बार लाइसेंस ऑनलाइन हो जाने के बाद कोई दिक्कत नहीं आती, चाहे हथियार लेने वाला व्यक्ति अपराधी ही क्यों न हो। टीम ने ग्वालियर व दतिया के नाम पर लाइसेंस की बात उठाई, तो उसने स्वीकार किया कि दतिया के 50 लाइसेंस बनाए जा चुके हैं। ग्वालियर, भिंड के लहार क्षेत्र में कई लाइसेंस जारी हुए हैं। सभी हथियार वही उपलब्ध कराता है। जम्मू में स्टिंग… बैक डेट में लाइसेंस जम्मू की शिव मार्केट में आदित्य गन हाउस के डीलर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पिछले 5 साल से लाइसेंस बनना बंद हैं। लेकिन कुछ दलाल 2016-17 के समय के डीसी के नाम से बैक डेट में लाइसेंस बनवा रहे हैं। डीलर के मुताबिक, ऐसे मामलों में लाइसेंस बनाने और बनवाने वाले दोनों के खिलाफ कार्रवाई संभव है। एनडीएएल पोर्टल पर लाइसेंस ‘Not Found’ कलेक्टर बोले- लाइसेंस फर्जी हैं, सील की जांच कराएंगे…. ये लाइसेंस फर्जी हैं। इन पर जो क़्यूआर कोड दिया है, इसे स्कैन करने पर लाइसेंस के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल रही। एक लाइसेंस पर जिस पर एडीएम की सील लगी है, उस सील की हम जांच करवा रहे हैं। – केएल मीणा, कलेक्टर, भिंड

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