अमनदीप सिंह | अमृतसर दक्षिण हलके के वार्ड 37 के पत्ती मंसूर दी के इलाका निवासी 3 साल से वाटर सप्लाई की सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। 2022 में यहां नीली रंग की हल्की पाइपों से पानी की लाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज तक इनमें पानी नहीं छोड़ा गया। इलाका निवासी सविंदर सिंह, सतनाम सिंह, मलकीत सिंह, शिव सिंह, गुरचरण सिंह और बीबी किरणदीप कौर ने बताया कि वाटर कनेक्शन के लिए प्रत्येक घर से 200 रुपए लिए गए थे। आज भी लोग पास ही स्थित गुरुद्वारा बाबा रामदास साहिब से पानी भरने को मजबूर हैं। गली में एक 300 लीटर का ड्रम रखा गया है, जिसे पाइप के जरिए गुरुद्वारे से भरकर उपयोग में लाया जाता है। इस संबंध में वार्ड पार्षद हिम्मतजीत सिंह ने कहा कि हाल ही में नगर निगम के जेई से पानी के कनेक्शन को लेकर बातचीत हुई है। यह नीली पाइप पिछली सरकार के समय अमृता प्रोजेक्ट के तहत डाली गई थी। जल्द ही पानी के कनेक्शन जोड़ दिए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर पाइप भी बदली जाएगी। इलाका निवासियों ने बताया कि ये पाइपें बहुत हल्की और बारीक हैं। पानी का बहाव तेज होने की स्थिति में इनके फटने का खतरा है, जिससे सीवरेज में पानी मिल सकता है। उन्होंने मांग की है कि इन पाइपों को बदलकर मोटी और टिकाऊ पाइपें डाली जाएं, साथ ही मुख्य कनेक्शन जोड़कर जल्द से जल्द पानी की सप्लाई शुरू की जाए। इलाका निवासियों ने चिंता जताई कि हाल ही में गांव खानकोट में ऐसी ही नीली पाइप को नगर निगम ने अवैध बताकर तुड़वा दिया था। आरोप था कि इन पाइपों से सीवरेज का गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा था, जिससे डायरिया फैल गया था। लोग डरे हुए हैं कि 3 साल से बंद पड़ी पाइपों में अगर अब अचानक पानी छोड़ा गया, तो कहीं पत्ती मंसूर दी में भी वैसी ही स्थिति न बन जाए।


