30 साल पुराने रिहायशी घर-दुकान 5 घंटे में ढेर

भास्कर न्यूज| भरतपुर शहर के सबसे व्यस्त और जाम की समस्या से प्रभावित कच्चा कुंडा इलाके में बुधवार को नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से बी-नारायण गेट तक सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए निगम का दस्ता 5 जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। सुबह 8 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही, जिसमें सड़क के दोनों ओर से 25-25 फीट तक के पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई ने बताया कि यह अभियान सड़क चौड़ीकरण के दूसरे चरण का हिस्सा है। इससे पहले निगम द्वारा विश्वप्रिय शास्त्री पार्क से सलूजा हॉस्पिटल तक सड़क और डिवाइडर का कार्य पूरा किया जा चुका है। सुरक्षा की दृष्टि से जिला कलेक्टर से मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का आग्रह किया गया था और मौके पर करीब 40 पुलिस जवानों का जाप्ता तैनात रहा। जाम से मिलेगी मुक्ति, बेहतर होगा ड्रेनेज… अभी तक कच्चा कुंडा क्षेत्र में नालियां न होने के कारण लोगों ने सड़क के बीच से निकासी की हुई थी, जिससे सड़क बार-बार टूट जाती थी। अब 80 फीट चौड़ी सड़क बनने के साथ ही आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को जलभराव और ट्रैफिक जाम से स्थाई राहत मिल सकेगी। 26 परिवारों को दिए फ्लैट… आयुक्त श्रवण विश्नोई ने जानकारी दी कि प्रभावितों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे और करीब 26 परिवारों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग शहर के विकास को देखते हुए स्वयं भी अपने निर्माण हटा रहे हैं और निगम केवल उनका सहयोग कर रहा है। वहीं, सचिव ​विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ और लोग चिह्नित किए जो जिनके घर का अधिकांश भाग टूट गया है। उनको भी जल्द फ्लैट दिए जाएंगे। विधवा पुष्पा ने बताया कि उसकी जो तीन बेटियां हैं। दस साल पहले पति की मौत हो गई थी। मैं नमकीन-बिस्कुट बेचकर गुजारा करती हूँ। मेरी दुकान टूट जाएगी तो रोजी-रोटी कैसे चलेगी। बड़ी बेटी की शादी की उम्र हो चुकी है। प्रशासन यदि थोड़ी आर्थिक मदद कर दे तो कहीं और दुकान लगाकर परिवार चला सकूँ। – जगह की कमी: स्थानीय निवासी कौशल ने बताया कि हमारे और बाबा के परिवार के मकानों का पट्टा है। दोनों मकानों में पांच परिवार रहते हैं। मकान टूटने के बाद पीछे महज दस फीट जगह बचेगी। इतने से हिस्से में पांच परिवार कैसे रहेंगे। हमने आयुक्त और कलेक्टर से मुआवजे की मांग की, लेकिन महज आश्वासन ही मिला। बड़े परिवारों की समस्या: किशन गोपाल रोते-बिलखते हुए बताया कि मेरा पूरा मकान जेसीबी ने पलभर में तबाह कर दिया। हम परिवार में 9 लोग हैं। हमें सिर्फ एक छोटा सा फ्लैट दिया गया है, इतने बड़े परिवार का गुजारा कैसे होगा। हमारी सारी जमा पूंजी मलबे में दब गई।

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