बालाघाट जिले में खरीदी गई धान की मात्रा में आधा धान अब खुले में पड़ी है। जिसका परिवहन नहीं हो सका है। यही कारण है कि आगामी समय में मौसम बदलने से होने वाली बारिश की आशंका को देखते हुए 30 दिसंबर से तीन दिन के लिए धान खरीदी बंद रखने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए हैं। 30 से 1 जनवरी तक नहीं होगी धान खरीदी मध्यप्रदेश शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आगामी समय में बारिश की आशंका को देखते हुए खुले में पड़ी धान को भंडारित करने के लिए तीन दिनों 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक धान खरीदी बंद करने के निर्देश कलेक्टर को जारी किए हैं। जिसके तहत आगामी 30, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को धान खरीदी केन्द्रों में धान नहीं खरीदी की जाएगी। कलेक्टर ने जारी किए आदेश कलेक्टर मृणाल मीणा ने जारी आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में आदेश के तहत तीन दिन धान खरीदी नहीं की जाएगी। हालांकि इन तीन दिनों में धान खरीदी बंद होने से, धान खरीदी की अंतिम तिथि 20 जनवरी को बढ़ाकर 23 जनवरी तक करके, समय को मैनेज करने का काम किया गया है। खुले में रखी 15 लाख क्विंटल धान जिले में इस साल 1 लाख 30 हजार किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया है। जिसमें 1 लाख 5 हजार 222 किसानों ने स्लॉट बुक कराया है, जबकि केवल 65 हजार 322 किसानों से ही 32 लाख 4 हजार 216 क्विंटल (3.20 लाख मीट्रिक टन) धान खरीदी गई है। जबकि कैप, गोदाम में खरीदी और भंडारण के साथ, कुल 17 लाख 62 हजार 638 क्विंटल धान (1.76 लाख मीट्रिक टन) ही धान का परिवहन किया गया है। जिससे लगभग 15 लाख क्विंटल धान खुले में पड़ी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधि कर रहे धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण जिले में धान खरीदी केन्द्रों में हो रहे धान उपार्जन को लेकर समय-समय पर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी केन्द्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे, परसवाड़ा विधायक मधु भगत और कलेक्टर मृणाल मीणा के साथ ही कोआपरेटिव बैक प्रबंधक आर.सी. पटले केन्द्रों का निरीक्षण कर किसानों और प्रभारियों से चर्चा कर रहे हैं।


