श्री गुजराती समाज, इंदौर शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सफलता 100 वर्ष पूर्ण कर 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। समाज द्वारा इसी उपलक्ष्य में गुजराती भाषी परिवारों के लिए वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार से तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत रेसकोर्स रोड स्थित अभय प्रशाल में हुई। इसमें बड़ी संख्या में गुजराती परिवारों ने हिस्सा लिया। पहले दिन गुजरात की लोक गायिका और कच्छ की कोयल के नाम से फैमस गीता बेन रबारी ने प्रस्तुति दी। गीता बेन के सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोगों पहुंचे। गीता बेन ने कोई केजो कान्हा ना कान लेजो अमने ध्यान मा…, एक वार बोलू के बे बोलू के त्रण वार बालू रे मां… गेलघोटो में जुकी ने लीधो… हे त्रण त्रण त्रण वार त्रण ताळी पड़ी… मारू सोना ना गलूडो रे.. श्री राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी… जैसे एक से बढ़कर एक गीत, भजन, गरबा आदि की प्रस्तुति दी। इसके पहले तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के साथ समाज अध्यक्ष प्रदीप कुमार शाह, उपाध्यक्ष गोविंद पटेल, मानद् महामंत्री पंकज संघवी, सांस्कृतिक समिति के कंवीनर वीरेंद्र पटेल ने दीप प्रज्जवलन के साथ की। गीता बेन को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग आयोजन शुरू होने के पहले ही आयोजन स्थल पर पहुंच चुके थे। गीता बेन को सुनने वालों में छोटी उम्र से लेकर वयोवृद्ध लोगों में खासा क्रेज दिखाई दिया। गीता बेन की हर प्रस्तुति पर उपस्थित समाजजन और श्रोताओं ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। लोगों की फरमाइश पर भी गीता बेन ने कुछ गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी दीपक मोदी, दीपक कुमार सोनी, भरत बाविशी, अमित दवे, अतुल शेठ, भगवनदास पटेल, नरेन्द्र वी. पटेल, राजेंद्र पटेल, मनोज परीख, भरत शाह व्यवस्थापक समिति एवं बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य आदि उपस्थित थे।


