रांची | रांची के एचईसी गोलचक्कर शाखा मैदान में शनिवार को सप्लाई मजदूर जन संघर्ष समिति के बैनर तले आमसभा आयोजित की गई, जिसमें लगभग 500 कामगार शामिल हुए। सभा में वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों का लगातार शोषण होता आ रहा है। अपने अधिकारों के लिए सभी को गोलबंद होकर संघर्ष जारी रखना होगा। सभा में एचईसी प्रबंधन पर आरोप लगाया गया कि वह सप्लाई कर्मियों की समस्याओं पर गंभीर नहीं है। कहा गया कि एचईसी निदेशकों से हुई पिछली वार्ता के अनुसार कर्मियों को पूर्व की सुविधाएं तुरंत बहाल की जाएं। साथ ही, सप्लाई कर्मियों के बच्चों की स्कूल फीस माफी स्थायी कर्मियों की तरह ही लागू करने की मांग की गई। वक्ताओं ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया। उनका कहना था कि आउटसोर्स एजेंसियां न तो पीएफ जमा कर रही हैं और न ही ईएसआई की राशि। गंभीर बीमारी की स्थिति में मजदूरों को सुपर स्पेशलिस्ट सुविधाएं न मिलने से वे इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। कामगारों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि 31 दिसंबर से पहले निदेशक समिति के सदस्य बैठकर सप्लाई कर्मियों के सभी मुद्दों का समाधान निकालें, अन्यथा सभी सप्लाई कर्मी एकजुट होकर व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। सभा की अध्यक्षता ओवैसी आजाद ने की। कार्यक्रम को मनोज पाठक, वाई. त्रिपाठी, दिलीप सिंह, रंथू लोहरा, मोईन अंसारी, सुनील कुमार, आरके शर्मा, शारदा देवी, विजय साहू, प्रमोद कुमार सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता अनुज कुमार समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।


