झारखंड सरकार ने नगर निकाय चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव में ओबीसी को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सभी डीसी को 31 दिसंबर तक ट्रिपल टेस्ट के लिए सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया है। आयोग ने डीसी को राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पिछड़े और अत्यंत पिछड़े वर्ग की जातियों की सूची भी सौंपी है। डीसी को पांच अलग-अलग फॉर्मेट में सर्वे की प्रक्रिया पूरी करनी है। मसलन किस नगर निगम, नगर परिषद व नगर पंचायत के किस वार्ड में कितने मतदाता हैं। उनका लिंग, जाति और आरक्षण की किस कैटेगरी में आते हैं। किस वार्ड में पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के कितने मतदाता हैं। उनका प्रतिशत क्या है। कुछ वार्ड कितने हैं और उस निकाय में पिछड़े वर्ग के कुल कितने मतदाता है। यह सारी जानकारी तय फॉर्मेट में आयोग को उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव नहीं हुआ है। सभी निकायों का काम मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के माध्यम से कराया जा रहा है। हाईकोर्ट में भी सुनवाई आज… इस मामले में रौशनी खलखो की ओर से दायर याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट द्वारा 24 अक्टूबर को दिए गए निर्देश के बाद राज्य सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की समीक्षा के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद आयोग सरकार को भेजेगी अनुशंसा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में फिलहाल न तो अध्यक्ष हैं और न सदस्य। वरिष्ठ अधिकारी के रूप में सदस्य सचिव पद पर आईएएस अधिकारी केके सिंह तैनात हैं। उन्होंने ही डीसी को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि रौशनी खलखो बनाम झारखंड मामले में 24 अक्टूबर को दिए गए हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक डोर-टू-डोर सर्वे का काम निर्धारित समय में पूरा करना है। सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद सर्वे रिपोर्ट पर बैठक के बाद इसे सरकार को भेज दिया जाएगा। इसके आधार पर निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान तय हो जाएगा। विधानसभा चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची के आधार पर वार्ड वाइज सूची बनाई जाएगी। इसके लिए डीसी वार्ड स्तर पर प्रगणक पदाधिकारी नामित करेंगे। फिर जिला प्रशासन की ओर से वार्ड स्तर पर एक अनुश्रवण समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें कम से कम तीन सदस्य होंगे। इसमें एक निवर्तमान वार्ड सदस्य, वार्ड सुपरवाइजर और वार्ड में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी को शामिल किया जाएगा। निकायों में अनारक्षित वार्ड से अगर कोई ओबीसी का प्रत्याशी जीता है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी। सर्वे के बाद आंकड़ों का प्रारूप जिले की वेबसाइट और निकाय कार्यालय में प्रकाशित किया जाएगा। समाचार पत्र के माध्यम से आमलोगों को इसकी सूचना दी जाएगी। शिकायतों का सात दिन में निष्पादन करते हुए तय फॉर्मेट में आयोग को उपलब्ध कराना होगा।


