32 दिन बाद पंजाब में मिली गुमशुदा नाबालिग:परिजनों को बताए बिना लापता हो गई थी 14 साल की बच्ची, साइबर सेल को मिले थे इनपुट

दौसा जिले की सैंथल थाना पुलिस ने खुशी अभियान-10 के तहत कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को उसके परिजनों से मिलाया। इस सम्बंध में 4 सितम्बर को एक जने ने उसकी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद थाना इंचार्ज राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा गुमशुदा 14 साल की बालिका को अबोहर पंजाब से दस्तयाब कर परिजनों से मिलवाया। पुलिस थाने में एक जने द्वारा उसकी नाबालिग बालिका के बिना बताये घर से जाने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बालिका के कहीं जाने के संबंध में कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य नहीं थे और न ही बालिका के संबंध में अन्य कोई अन्य ठोस साक्ष्य उपलब्ध थे। ऐसे में गुमशुदा को तलाश करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य था। खुशी-10 अभियान के तहत गठित टीम द्वारा आसूचनाओं का संकलन कर प्राप्त इनपुट के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस टीम द्वारा तथ्यों का तकनीकी विश्लेषण कर व एक दर्जन से अधिक स्थानों पर दबिश देकर गुमशुदा नाबालिग बालिका को पंजाब के अबोहर से दस्तयाब करने में सफलता मिली। नाबालिग को उसके परिजनों से मिलवाने का काम किया है। कार्यवाही में थाने के कांस्टेबल मंगलराम, महिला कांस्टेबल केशा व साईबर सेल के कांस्टेबल महेन्द्र कुमार की विशेष भूमिका रही। टीम में एएसआई कैलाश, कांस्टेबल दिनेश, हेमराज भी शामिल रहे।

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