328 पावन स्वरूप मामला, आरोपी कमलजीत सिंह अरेस्ट:अमृतसर पुलिस ने की दूसरी गिरफ्तारी, CA सतेंद्र सिंह कोहली पहले ही पकड़ा जा चुका

अमृतसर पुलिस ने श्री गुरुग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों (पवित्र प्रतियों) के लापता होने के मामले में दूसरी गिरफ्तारी की है। पुलिस ने कमलजीत सिंह को अमृतसर के एक गांव से गिरफ्तार किया है। इससे पहले, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सतेंद्र सिंह कोहली को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। यह मामला वर्ष 2020 में पावन स्वरूपों के लापता होने से संबंधित है। इस संबंध में 2025 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में 7 दिसंबर 2025 को अमृतसर पुलिस ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व मुख्य सचिव और एक सीए सहित 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पहली गिरफ्तारी में, पुलिस ने SGPC के पूर्व सीए सतेंद्र सिंह कोहली को चंडीगढ़ से पकड़ा था। कोहली पर आरोप है कि SGPC में सीए के तौर पर काम करते हुए वे इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड से संबंधित थे। पुलिस के अनुसार, एफआईआर में कमलजीत सिंह का नाम 11वें नंबर पर दर्ज है। जांच के दौरान उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पहले बताया था कि ईश्वर सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक आरोपी की भूमिका निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियां उसी क्रम में की जा रही हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। अदालत से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर चंडीगढ़, अमृतसर शहर, अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर, रोपड़ और तरनतारन सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई है। कमलजीत सिंह की भूमिका एसजीपीसी अध्यक्ष धामी के अनुसार, कमलजीत सिंह ने 212 स्वरूपों को भेजने के बाद रजिस्टर में दर्ज नहीं किया और 55 और तैयार कर उन्हें भी नहीं चढ़ाया, जिससे 267 स्वरूपों के पैसों का गबन हुआ, और उन्हें पहले भी पकड़ा गया था। इस मामले में एसजीपीसी के कई अधिकारियों और कर्मचारियों (जैसे पूर्व चीफ सेक्रेटरी रूप सिंह, सतिंदर सिंह) सहित कुल 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।

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