जिले में वनों के संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग अब दो नगर वन विकसित कर रहा है। इनमें से एक नगर वन चंदेरिया में और दूसरा रावतभाटा में बनाया जा रहा है। यह पहल शहरों के बीच हरित क्षेत्र बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के करीब लाने के लिए की जा रही है। चंदेरिया में वन विभाग की लगभग 7 हेक्टेयर जमीन पर यह नगर वन विकसित किया जा रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में यह क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए एक बेहतर पिकनिक स्पॉट के रूप में भी विकसित होगा। 20 लाख के बजट से शुरू हुआ काम चंदेरिया नगर वन के लिए फिलहाल वन विभाग को 20 लाख रुपए का बजट मिला है, जिससे विकास काम शुरू कर दिया गया है। जिला वन अधिकारी (DFO) राहुल झांझरिया ने बताया कि इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की ओर से बजट मिलेगा। अभी शुरुआती चरण में 20 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई है, ताकि जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा सकें। आगे जरूरत के हिसाब से बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा। चंदेरिया मंगरी को नगर वन बनाया जाएगा, मार्च तक पूरा करने का टारगेट DFO राहुल झांझरिया के अनुसार, नगर वन के लिए हिंदुस्तान जिंक के पास स्थित चंदेरिया मंगरी को चुना गया है। यह क्षेत्र शहर के बीचोबीच स्थित है, जिससे लोगों को यहां तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि वन संरक्षण के लिए इस तरह के नगर वन बहुत जरूरी हैं। इससे शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी और लोगों को स्वच्छ माहौल मिलेगा। इस क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा रहा है और इसे मार्च महीने तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा से मिली स्वीकृति वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नगर वन जैसी योजनाएं स्थानीय विधायक की अनुशंसा पर प्रस्तावित की जाती हैं। इसके बाद उच्च स्तर से स्वीकृति मिलने पर काम शुरू होता है। चंदेरिया नगर वन भी इसी प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुआ है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से ऐसी योजनाओं को जमीन पर उतारना आसान होता है और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलता है। 7 हेक्टेयर क्षेत्र में ट्रैक और घूमने की सुविधा रेंजर सुरेश चौधरी ने जानकारी दी कि चंदेरिया मंगरी के 7 हेक्टेयर क्षेत्र में नगर वन विकसित किया जा रहा है। यहां लोगों के घूमने के लिए विशेष ट्रैक बनाए जाएंगे, ताकि सुबह-शाम लोग सैर कर सकें। इसके साथ ही बैठने के लिए झोपड़ियां बनाई जा रही हैं और एंट्री के लिए एक मुख्य गेट भी तैयार किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह कुर्सियां भी लगाई जाएंगी। 6000 पौधे लगाए जाएंगे नगर वन में लगभग 6000 पौधे लगाए जाएंगे। इनमें 10 से 20 तरह की अच्छी क्वालिटी की प्रजातियां शामिल होंगी। पेड़ों का चयन इस तरह किया जाएगा कि कुछ छायादार हों, कुछ फूलों वाले हों और कुछ ऐसे हों जो सर्दी या गर्मी में भी हरे-भरे रहें। इसका उद्देश्य यह है कि गर्मी के मौसम में भी लोगों को अच्छी छाया मिल सके और पतझड़ के बाद भी पूरा क्षेत्र सूना न लगे। पर्यावरण जागरूकता के लिए पेंटिंग और सजावट की जाएगी नगर वन को केवल हरियाली तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवारों और स्थानों पर आकर्षक पेंटिंग भी करवाई जाएंगी। इससे खासकर बच्चों और युवाओं को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिलेगा। वन विभाग का मानना है कि चंदेरिया नगर वन आने वाले समय में शहर के लोगों के लिए सुकून और प्रकृति से जुड़ाव का एक जरूरी केंद्र बनेगा।


