330 करोड़ का प्रोजेक्ट, 122 करोड़ की डाली पाइप लाइनें:जहां जरूरत नहीं वहां भी डाली पानी की लाइनें और घरों के बाहर छोड़े कनेक्शन

दो साल पहले खत्म हो चुका अमृत प्रोजेक्ट-1 में घरों और कॉलोनियों के बाहर छोड़े गए कनेक्शनों से तिघरा बांध का पानी घरों में नहीं पहुंच रहा है। शहरी क्षेत्र की 55 से ज्यादा कॉलोनी-मोहल्लों के लोग पुरानी पाइप लाइन से आ रहे बोरिंग या फिर तिघरा का पानी पी रहे हैं। अमृत प्रोजेक्ट मे 122 करोड़ रुपए में बिछाई पाइप लाइन से निकाले गए कनेक्शन गलियों और घरों के बाहर बेकार पड़े है। कई स्थानों में वाहनों से निकलने से टूट चुके है। निगम के जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति इसलिए बनी क्योंकि प्रोजेक्ट के तहत लाइन डालने से पहले जरूरतमंद एरिया का प्लान तय नहीं हुआ। निगम अफसरों ने जनप्रतिनिधियों के कहने पर पाइप लाइन की दिशा को मोड़ दिया। अफसरों ने भी काम पूरा करने के लिए मनमर्जी से लाइनें डालने के बाद कनेक्शन बाहर छोड़ दिए। अमृत प्रोजेक्ट-1 में 330 करोड़ रुपए में शहर के अंदर पानी की टंकिया, नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पानी की लाइनें आदि डालने का काम किया था। इस दौरान शहर के 60 वार्डों में 777 किलोमीटर एरिया में पानी की लाइनें डालकर नए एवं पुराने कनेक्शन 60 हजार से ज्यादा दिए गए। एडीबी, अमृत योजना-1 के बाद 15वें वेतन आयोग की राशि ठिकाने लगाने की तैयारी यहां भी पहले से डली हैं पानी की 2 लाइनें अब 15 वें वेतन आयोग से भी डल रही लाइनें निगम ने एडीबी, अमृत प्रोजेक्ट और बोरिंग की पानी की लाइनों से लोगों के घरों तक पानी 100% नहीं पहुंचा है। अब 15 वें वित्त आयोग से 45 करोड़ में पानी की लाइनें डालने का काम वार्डों में चल रहा है। स्थलों को चेक कराकर कनेक्शन कराएंगे
अमृत प्रोजेक्ट-1 के तहत कहीं पानी की लाइन डालने के बाद कनेक्शन बाहर है। उन स्थलों को चेक कराएंगे। घरों के बाहर ऐसे कनेक्शनों को जुड़वाकर पानी पहुंचाया जाएगा।- संजीव गुप्ता, कार्यपालन यंत्री नगर निगम

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *