35 साल से होमगार्ड की नौकरी करता रहा हिस्ट्रीशीटर:आजमगढ़ में की थी गोली मारकर हत्या, 1988 में लगा गैंगस्टर; पुलिस-इंटेलिजेंस ने दी क्लीन चिट

आजमगढ़ में एक गैंगस्टर ने 35 साल तक होमगार्ड की नौकरी की। जबकि उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती के कई मामले दर्ज थे। वो सितंबर 1989 में होमगार्ड में भर्ती भी हो गया। तब से लेकर 2024 तक जिले के रानी की सराय और मेंहनगर थाने में नौकरी भी करता रहा। तीन दिसंबर को इस मामले की शिकायत DIG वैभव कृष्ण से की गई। जिसके बाद DIG वैभव कृष्ण ने मामले की जांच के आदेश दिए गए, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद आरोपी के इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो सका। मामले की जानकारी होने पर होमगार्ड कमांडेंट मनोज सिंह बघेल ने आरोपी होमगार्ड को निलंबित कर दिया। विस्तार से जानिए पूरा मामला… 1998 में की थी युवक की गोली मारकर हत्या
रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकवारा निवासी नकदू पर 1984 में हत्या और साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। नकदू ने 1984 में जहानागंज थाना क्षेत्र के रहने वाले मन्नु यादव की रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद नकदू पर 1987 में डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद नकदू पर 1988 में गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। जिसकी हिस्ट्री-शीट नंबर-52A है। ऐसे खुला मामला आजमगढ़ में रहने वाले भतीजे नंद लाल ने चाचा नकदू के खिलाफ 3 दिसंबर को शिकायत DIG वैभव कृष्ण से की थी। बताया कि चाचा 35 साल से फर्जी तरीके से होमगार्ड की नौकरी कर रहे हैं। इस पर DIG ने जांच के आदेश दिए। मामले में रानी की सराय थाने के सब इंस्पेक्टर गोपाल जी ने मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद 9 जनवरी को मामला सही पाया गया। स्कूल में बनवाया फर्जी प्रमाण पत्र
नकदू यादव कक्षा चार तक गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ा है। इसके बाद आरोपी ने कक्षा आठ का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर होमगार्ड की नौकरी हासिल की। 1990 के पहले तक आरोपी की पहचान नकदू यादव पुत्र लोकई यादव के रूप में थी। 1990 में आरोपी नकदू से नंदलाल बन गया। हिस्ट्रीशीटर बनने के बाद बना होमगार्ड
आरोपी होमगार्ड नंदलाल यादव पर 1988 में गैंगस्टर की कार्रवाई कर हिस्ट्रीशीटर में शामिल कर लिया गया। इसके बाद भी आरोपी ने 1 सितंबर 1989 को होमगार्ड विभाग ज्वाइन कर लिया। सबसे खास बात यह है कि आरोपी के हिस्ट्रीशीटर होने के बाद भी तत्कालीन रानी की सराय थाने और लोकल इंटेलिजेंस की टीम ने आरोपी को क्लीन चिट दी थी। थाने और इंटेलिजेंस के प्रभारियों ने आरोपी होमगार्ड के चरित्र प्रमाण पत्र पर सितंबर 1992 में हस्ताक्षर भी किए हैं। कई बार कर चुका है अनुशासनहीनता
होमगार्ड विभाग में सेवा के दौरान आरोपी होमगार्ड कई बार अनुशासनहीनता कर चुका है। आरोपी का कई बार 151 में चालान भी हो चुका है।

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