भास्कर न्यूज |लोहरदगा| कैरो जल संसाधन विकास विभाग द्वारा नंदिनी जलाशय से निकलने वाली तीन नहर पहला नंदनी से एड़ादोन तक, दूसरा नन्दनी से उमरी कोयल तक, तीसरा नंदिनी से बंडा से बिराजपुर होते हुए नगड़ा तक लगभग 36 करोड़ की लागत से होने वाले तीनों नहरों के जीर्णोद्धार में घोर अनियमितता बरती जा रही है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा सांसद सुखदेव भगत से आवेदन देकर करते हुए जांच करवाने की मांग की गई थी। जिसपर सुखदेव भगत के निर्देश पर सांसद प्रतिनिधि साजिद अहमद, जिला निगरानी समिति के सदस्य जफर खान, सदस्य फुलदेव उरांव, सदस्य लाल विकास नाथ शाहदेव ने संयुक्त रूप से सोमवार को योजना स्थल पहुंच कार्य का जायजा लिया। जहां पहले से ही काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने कहा कि ढलाई के नाम पर लीपा पोती की गई है। मिट्टीयुक्त बालू का प्रयोग ढलाई में किया गया है। ढलाई काफी कमजोर है और पैर से दबाने पर टूट रहा है। साथ ही मिट्टी मोरम सड़क निर्माण कार्य में पानी पटवन नहीं किया जा रहा है। मजदूरी कम दिया जा रहा है। योजना स्थल पर उपस्थित सदस्यों के द्वारा उपायुक्त लोहरदगा को दूरभाष पर जानकारी देकर सारी बातों से अवगत कराया गया। जहां एक ओर गठबंधन की हेमंत सरकार आदिवासी बहुल इलाकों में लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर विकास करना चाह रही है वहीं दूसरी तरफ ठेकेदारी प्रथा में लूट मची हुई है। यह नहर भंडरा एवं कैरो प्रखंड के किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण योजना है लेकिन जिस तरह इसमें लीपा पोती की जा रही है। यह काफी गंभीर विषय है। इस पर प्रशासन द्वारा अति शीघ्र जांच किया जाना चाहिए और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मौके पर गुलाम जिलानी, नारायण उरांव, संजय पहान, बहादुर उरांव, हंदू उरांव, जतरू उरांव, लीटू उरांव, चरकू उरांव, प्रदीप पहान, गुड़ा उरांव, रितेश रोशन, बिरजमनी उरांव, सुदीप पाहन, अनिल पाहन, रोहित उरांव, कुर्विन मिंस, बिरसा उरांव, सोमरा उरांव, गंगा उरांव, शुकरू उरांव, सुनील पाहन, जगमोहन उरांव, मोहम्मद सज्जाद सहित काफी संख्या लोग में उपस्थित थे।


