मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में स्कूलों में लघु निर्माण कार्यों के नाम पर हुए करीब 4 करोड़ 37 लाख रुपए के गबन के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने 7 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह ने एक प्रभारी प्राचार्य को सस्पेंड किया है। यह मामला लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा रामनगर ब्लॉक के 21 स्कूलों को मरम्मत, पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड निर्माण के लिए आवंटित राशि से जुड़ा है। प्रत्येक स्कूल को 22 से 25 लाख रुपए की राशि दी गई थी। जांच में सामने आया कि 18 स्कूलों के प्राचार्यों और प्रभारी प्राचार्यों ने नियम विरुद्ध तरीके से राशि का आहरण कर लिया और बिना कार्य कराए फर्मों को भुगतान कर दिया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई का प्रस्ताव रीवा संभागायुक्त और संयुक्त संचालक को भेजा गया था। शनिवार को कमिश्नर बीएस जामोद ने 7 प्राचार्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सभी का मुख्यालय कलेक्ट्रेट कार्यालय मैहर नियत किया गया है। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने प्रभारी प्राचार्य रजनी पुरवार को निलंबित कर बीईओ कार्यालय मैहर में अटैच किया है। निलंबित प्राचार्य अब तक 17 पर गिरी गाज
इस मामले में अब तक 17 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, जिनमें 3 प्राचार्य, 9 प्रभारी प्राचार्य, रामनगर बीईओ और एक भृत्य शामिल हैं। सभी के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। शासन की राशि की वसूली के लिए आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की भी तैयारी की जा रही है।


