भास्कर न्यूज | कोंडागांव एक शांत शहर कोंडागांव की पहचान अब एक खतरनाक सच्चाई से जुड़ती जा रही है। यहां सड़क हादसे लगातार हो रही है, इसलिए इसकी पहचान भी अब इसी बन रही है। जनवरी 2025 से अप्रैल तक केवल चार महीनों में यहां 98 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 66 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 108 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं और सवाल उठाते हैं आखिर गलती कहां हो रही है? सड़क सुरक्षा को लेकर अब शहरवासियों की चिंता सतह पर आने लगी है। लोगों का मानना है कि सिर्फ चालानी कार्रवाई से हादसे नहीं रुकेंगे। कुछ दिन की जांच और चालान से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। जरूरत है एक ठोस और सतत अभियान की। शहर की जागरूक लोगों ने कहा कि यातायात पुलिस को केवल चालान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएं, प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग हो और नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। यह काम एक-दो दिन के लिए नहीं, बल्कि नियमित अभियान के तहत होनी चाहिए। परिवहन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है स्थानीय लोगों का कहना है कि आजकल लोग लोक सेवा केंद्रों या ऑनलाइन पोर्टल से फॉर्म भरकर घर बैठे ही ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर रहे हैं। न कोई टेस्ट, न ही कोई प्रशिक्षण। ऐसे में यह तय करना भी मुश्किल है कि जिनके हाथों में वाहन की स्टियरिंग है, उन्हें गाड़ी चलानी आती भी है या नहीं। राष्ट्रीय राजमार्ग के रखरखाव की स्थिति भी हादसों के लिए ज़िम्मेदार मानी जा रही है। शहर के भीतर कई जगहों पर डिवाइडर टूटे पड़े हैं और लोगों ने अपनी सुविधा अनुसार रास्ते बना लिए हैं। कलेक्टर के निर्देश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग की लापरवाही बनी हुई है। जब तक इन डिवाइडरों की मरम्मत नहीं होगी और अनाधिकृत रास्तों को बंद नहीं किया जाएगा, तब तक हादसों को रोकना मुश्किल होगा। कोंडागांव में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं केवल एक विभाग की विफलता नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है। चालानी कार्रवाई में तेजी लाने कहा है: एसपी एडिशनल एसपी कौशलेंद्र देव पटेल ने कहा सभी ब्लैक स्पॉट को चिह्नांकित कर उन स्थानों पर धीमी गति करने के पोस्टर लगाने, नशा कर वाहन चलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।यातायात विभाग को हेलमेट व चालानी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश हैं। 12 ब्लैक स्पॉट मिले, बजट मिलने पर सुधार करेंगे प्रज्ञा नंद कार्यपालन अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग 30 ने कहा कलेक्टर के निर्देश पर सभी ऐसे स्थानों को चिन्हित कर लिए गए हैं शहर के अंदर 12 स्पॉट मिले हैं जहां पर डिवाइडर कटे हैं जिनका प्राक्कलन तैयार कर शासन को व कलेक्टर को भेजा जाएगा। लाइसेंस बनाने नियमों का पालन करते हैं: आरटीओ आरटीओ अतुल असैया ने कहा लाइसेंस बनाने के सभी नियमों का पालन किया जाता है 15 सवालों के ऑनलाइन एग्जाम लिया जाता है जिसमें 7 सवालों के जवाब देने पर उन्हें लर्निंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं एक माह बाद उन्हें फाइनल लाइसेंस के लिए टेस्ट देने होते हैं।


