4 साल के बच्चे के नाम 11 वर्ल्ड रिकॉर्ड्स:जबलपुर का फतेह झट से पहचान लेता है 49 देवी-देवताओं के चेहरे; 9 मिनट में 35 पक्षियों को पहचाना

जबलपुर में महज 4 साल के एक बच्चे ने अपने नाम 11 वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दर्ज कराए हैं। इनमें वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इन्फ्लूएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, आई बीआर अचीवर, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ऑफ इंडिया, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सुपर टेलेंटेड किड, ग्लोबल किड्स अचीवर्स अवार्ड्स जैसे अवार्ड्स शामिल हैं। फतेह गायकवाड़ नाम का इस बच्चे की पिक्चर मेमोरी शार्प है। वो जो एक बार देख लेता है और जान लेता है उसे याद रह जाता है। ये सभी अवार्ड्स इसी मेमोरी के बलबूते हासिल किए हैं। वो 35 से ज्यादा पशु पक्षियों के नाम और 49 से ज्यादा देवी-देवताओं के नाम मिनटों में बता देता है। इस उम्र में ये सब किसी सामान्य बच्चे के लिए मुश्किल होता है। दैनिक भास्कर ने बच्चे की प्रतिभा तो ऑन कैमरा रिकॉर्ड किया। किड्स स्कूल में पढ़ने वाले फतेह ने 30 से ज्यादा पक्षियों को झट से पहचान लिया। वह शरीर के अंगों और देवी-देवताओं की तस्वीर देखते ही पहचान लेता है। उन्हें तुरंत बता भी देता है। बच्चे की मां पलक तिवारी से उससे जुड़ी बातें शेयर की। पढ़िए… 3 साल की उम्र से बनाने लगा वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
बच्चे की मां पलक तिवारी ने कहा कि फतेह ने 3 साल की उम्र से वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिए थे। 6 दिसंबर को ही उसका जन्मदिन था। अभी उसके पास 11 वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और एक इंटरनेशनल रिकॉग्निशन है। ये सब इसलिए संभव हो पाया क्योंकि जिस दिन से वो पैदा हुआ था हमने उसी दिन से उसके सेंसेस पर काम करना शुरू कर दिया था। इसके बाद 3 महीने से हम उस पर प्रोफेशनली काम करने लगे थे। वह बहुत सारे पौधों के नाम बता सकता है। करीब 50 हिन्दू देवी-देवताओं के नाम उसे पता हैं। इसके अलावा वो शरीर के भीतरी और बाहरी 48 अंगों के नाम बता सकता है। इस तरीके से वो काफी सारी चीजें बता सकता है। ये सभी इसलिए संभव हो पा रहा है कि हम सभी उसको सीखने की मेहनत कर प रहे हैं। बच्चे सभी इंटेलिजेंट होते हैं, बस उसकी स्किल पहचानी होती है
बच्चे की मां ने कहा- सभी बच्चे होशियार होते हैं, हमें बस उसके हुनर को पहचानना होता है। जैसे हमने पहचाना कि उसकी फोटोग्राफिक मेमोरी बहुत तेज है। उसको पुरानी बातें भी याद रहती थीं। जब वो एक डेढ़ साल का था तब भी वो चीजें बताता था। उसे गाने के लिरिक्स भी बहुत जल्दी याद होते हैं। पहले बर्थडे पर भी उसे बोलना नहीं आता था लेकिन वो धुन पर गुनगुनाने लगता था। इसी तरह हर मां बाप को उसके बच्चे की स्किल की पहचान करनी चाहिए ताकि वो उसे और बेहतर बना सकें। मैं खुद एजुकेशन लिस्ट हूं ज्यादातर समय बच्चों के साथ रहती हूं। इसलिए बच्चों की एक्टिविटी को ऑब्जर्व करना ठीक से आता है। 1100 दिन का था तब मिला का पहला अवॉर्ड
फतेह को पहला अवॉर्ड वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिला था जहां उसने कुछ ही मिनट में 27 प्लांट्स के नाम बताए थे। वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से उसके पास 3 रिकॉर्ड्स हैं। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड जो काफी नामी वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है। इसके उसके पास दो रिकॉर्ड्स हैं। ऐसे टोटल मिला कर उसके पास 11 रिकॉर्ड्स हैं। इन सभी रिकॉर्ड्स में अपने बच्चे का नाम नॉमिनेट करने के लिए आपको ऑनलाइन अप्लाई करना होता है।

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