अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया शुक्रवार को राजसमंद दौरे पर रहे। उन्होंने 1992 की घटनाओं को याद करते हुए कहा- 33 साल पहले हिंदुओं ने 450 सालों का कलंक केवल साढ़े 4 घंटे में मिटा दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे आह्वान पर 8 लाख कारसेवकों ने राम मंदिर निर्माण में अहम योगदान दिया, जो सम्मान के पात्र हैं। मैं उन सभी और उनके परिवारों का आभार व्यक्त करता हूं। वे पहले सड़क मार्ग से देवगढ़ पहुंचे और वहां से राजसमंद पहुंचे, जहां 100 फीट रोड स्थित पूर्व पार्षद कैलाश निष्कलंक के आवास पर पहुंचे। यहां बालाजी महाराज मंदिर के पदाधिकारियों व स्थानीय नागरिकों ने उनका उपरणा ओढ़ाकर व बालाजी महाराज की तस्वीर भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान डॉ तोगड़िया ने मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि अब हिंदुओं के घरों में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ होगा। ‘ओम श्री’ अभियान के जरिए हिंदुओं को सुरक्षित और सशक्त बनाने की पहल की जाएगी। उन्होंने कहा, “हनुमानजी की गदा अब देश के हिंदुओं की रक्षा करेगी।” मथुरा और काशी पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए लड़ना पड़ा, लेकिन अब बाकी कार्य बिना संघर्ष पूरे होंगे। पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद शिलान्यास मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज मुगलों की औलाद नहीं, बल्कि महाराणा प्रताप और शिवाजी के वंशज एमएलए व एमपी हैं। इसलिए ऐसे कई बाबर, अकबर, हुमायूं चले गए, हमने उनको मिट्टी में मिला दिया है। श्रीजी प्रभु के दर्शन किए
डॉ प्रवीण तोगड़िया शनिवार शाम नाथद्वारा पहुंचे व श्रीनाथजी की संध्या आरती झांकी के दर्शन किए, जहां श्री कृष्ण भंडार के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय ने मंदिर परंपरा अनुसार बैठक जी में उपरना रजाई ओढ़ाकर व श्रीनाथजी का प्रसाद भेंटकर उनका स्वागत किया। इस दौरान सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित सहित टेंपल बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। डॉ तोगड़िया ने कहा कि आज श्रीनाथजी के दर्शन कर प्रभु का आशीर्वाद लिया व प्रार्थना की है कि काशी- मथुरा का मार्ग खुलवाने में हमारे योगदान का अनुग्रह करें। दर्शन के बाद तोगड़िया चौपाटी पर विश्व हिंदू परिषद व बजरंगदल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की जहाँ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उनका जोरदार स्वागत किया।


