चित्तौड़गढ़ में कल सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर बच्चों को लड्डू बांटे जाएंगे। यह परंपरा सालों से चली आ रही है, जिसके तहत सरकारी, आंगनवाड़ी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिठाई दी जाती है, ताकि राष्ट्रीय पर्व की खुशी बच्चों के साथ साझा की जा सके। इस बार भी जिले के सभी स्कूलों और संबंधित संस्थानों के बच्चों के लिए लड्डू तैयार किए गए हैं, लेकिन बच्चों की संख्या के अनुसार लड्डुओं की मात्रा में कमी की गई है। इस बार कम बने लड्डू, संख्या में आई गिरावट इस साल लड्डुओं की कुल मात्रा में कमी देखी गई है। पिछले साल जहां 47 क्विंटल लड्डू बनाए गए थे, वहीं इस बार 7 क्विंटल कम यानी कुल 40 क्विंटल लड्डू तैयार किए गए हैं। खास बात यह है कि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बच्चों की संख्या घटने के कारण लड्डुओं की मात्रा भी कम की गई है। हर साल 26 जनवरी के लिए लड्डू बनाने और वितरण का ऑर्डर नगर परिषद की ओर से दिया जाता है। 12 क्विंटल बेसन से बना 40 क्विंटल लड्डू लड्डू बनाने वाले ठेकेदार रतन तड़बा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार कुल 40 क्विंटल लड्डू बनाए गए हैं। इन लड्डुओं को बनाने के लिए साढ़े 12 क्विंटल बेसन, साढ़े 7 क्विंटल घी और करीब 20 क्विंटल शक्कर का उपयोग किया गया है। गुणवत्ता और स्वाद का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि बच्चों को स्वादिष्ट और शुद्ध मिठाई मिल सके। लड्डू पूरी तरह स्वच्छता और तय मानकों के अनुसार तैयार किए गए हैं। इस साल बच्चों को मिलेंगे लड्डू इस साल तैयार किए गए लड्डू जिले के अलग-अलग स्कूलों और संस्थानों में बांटे जाएंगे। इनमें 30 हजार 212 निजी स्कूलों के बच्चे, 5 हजार 206 सरकारी स्कूलों के बच्चे, 1500 आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चे, 100 संप्रेषण गृह के बच्चे, 700 नगर परिषद के कर्मचारी, 500 जिला कलेक्ट्रेट के कर्मचारी, 500 जिला जेल के कैदी और कर्मचारी तथा 50 स्काउट-गाइड के बच्चों को लड्डू दिए जाएंगे। इस वितरण में जिले के 27 सरकारी स्कूल, 137 निजी स्कूल और 85 आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं। पिछले साल की तुलना में बदलाव अगर पिछले साल की बात करें तो तब 33 हजार 304 निजी स्कूलों के बच्चे, 5 हजार 783 सरकारी स्कूलों के बच्चे और 1686 आंगनवाड़ी बच्चों के लिए लड्डू बनाए गए थे। इस साल इन आंकड़ों में गिरावट आई है, जिसके कारण लड्डुओं की कुल मात्रा भी कम कर दी गई। इसके बावजूद प्रशासन और नगर परिषद का प्रयास है कि गणतंत्र दिवस की खुशी हर बच्चे तक पहुंचे और यह राष्ट्रीय पर्व मिठास के साथ मनाया जाए।


