भास्कर न्यूज |लुधियाना विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल के पिता स्वर्गीय बलबीर सिंह ग्रेवाल, अपनी सांसों की पूंजी पूर्ण करते हुए गुरु चरणों में जा विराजे। उनकी आत्मिक शांति के लिए परिवार द्वारा रखवाए गए अखंड पाठ साहिब के भोग उपरांत अंतिम अरदास विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल के कार्यालय के पीछे स्थित न्यू प्रीत नगर में संपन्न हुई। इस अवसर पर सामाजिक, धार्मिक तथा विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। समागम में भाई साहिब भाई बलविंदर सिंह रंगीला चंडीगढ़ वालों ने भावपूर्ण कीर्तन द्वारा स्वर्गीय बलबीर सिंह ग्रेवाल की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह अत्यंत मेहनती, नेक और सेवाभावी इंसान थे। उन्होंने अपनी कीमती जमीन गुरु साहिब को दान में देकर वहां सुंदर गुरुद्वारा साहिब का निर्माण करवाया था। इस मौके पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां एवं कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने स्वर्गीय बलबीर सिंह ग्रेवाल को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने धार्मिक रुचि रखते हुए गृहस्थ जीवन में अपने बच्चों को उत्तम संस्कार और शिक्षा दी। आज उनके पुत्र दलजीत सिंह ग्रेवाल (भोला) हलका पूर्वी से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। उनके भाई कुलविंदर सिंह ग्रेवाल तथा बेटियां परमजीत कौर, इंदरजीत कौर, परमजीत कौर सहित पोते रणजोत सिंह ग्रेवाल और लक्ष दीप सिंह ग्रेवाल भी उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा में सक्रिय हैं। समागम में अनेक धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों और सिंह सभाओं के पदाधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त विभिन्न क्षेत्रों से आए विधायक, पूर्व विधायक, चेयरमैन, पार्षद, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।परिवार की ओर से दलजीत सिंह ग्रेवाल, कुलविंदर सिंह ग्रेवाल, अजीत पाल सिंह चीमा, बंटी चीमा, बेटियां परमजीत कौर एवं इंदरजीत कौर तथा अन्य परिजन मौजूद रहे। क्षेत्र के अनेक निवासियों ने भी अंतिम अरदास में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाब सरकार भले ही रजिस्ट्री को 48 घंटों में निपटाने और घर बैठे सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। शहर की विभिन्न तहसीलों में 24 नवंबर की अपॉइंटमेंट्स को आज 28 नवंबर तक भी क्लियर नहीं किया जा सका। कई सब-रजिस्ट्रार के समय पर न पहुंचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रांसपोर्ट नगर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थिति सबसे बदतर रही। सुबह से दोपहर 1 बजे तक सब-रजिस्ट्रार के न आने से दर्जनों लोग घंटों इंतजार करते रहे। कई लोग विदेश से विशेष समय निकालकर रजिस्ट्री करवाने आए थे, लेकिन अधिकारी के नदारद रहने से वे परेशान होते रहे। शहर की सभी तहसीलों में काम की धीमी रफ्तार, अधिकारियों की अनुपस्थिति, ऑनलाइन सिस्टम की कमजोरी और बढ़ती भीड़ ने पंजाब सरकार के 48 घंटे में रजिस्ट्री के दावों की पोल खोल दी है। आम जनता लगातार सवाल उठा रही है कि सरकार के दावों के विपरीत जमीन पर हालात क्यों नहीं सुधर रहे। ऑनलाइन रजिस्ट्री के दावों के बावजूद तहसीलों में आज भी एजेंट खुलेआम लाइन में दिखाई दिए। कई आम नागरिकों ने बताया कि एजेंटों को प्राथमिकता मिलती है, जबकि आम जनता घंटों धक्के खाती रहती है। कूमकलां तहसील में तो स्थिति और भी चौंकाने वाली रही। सुबह से दोपहर तक कोई भी अधिकारी या क्लर्क सीट पर नहीं मिला। पूरा परिसर सूना पड़ा था। जब एक रीडर से पूछा गया तो उसने बताया कि तहसीलदार कहीं गए हुए हैं और रीडर अभी आए नहीं हैं। रीडर ने यह भी बताया कि कूमकलां तहसील में सप्ताह में केवल दो दिन-मंगलवार और वीरवार-को ही रजिस्ट्री की जाती है। जनता के पूछने पर उसे जवाब मिला कि स्लॉट भी इन्हीं दो दिनों का दिया जाता है। इसी तरह गिल तहसील में कर्मचारियों ने बताया कि वे अभी 26 नवंबर की रजिस्ट्री क्लियर कर रहे हैं। तीन दिन की छुट्टियों और कम स्टाफ के कारण काम काफी पीछे चल रहा है। जब ट्रांसपोर्ट नगर के सब-तहसीलदार अंग्रेज सिंह से पूछा गया कि जनता सुबह से इंतजार कर रही है और आप दोपहर 2 बजे ऑफिस पहुंच रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि उनकी अचानक ड्यूटी बस स्टैंड में लगा दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तहसील के मूल सब-रजिस्ट्रार कोई और हैं, जो आज ड्यूटी पर नहीं आए। इटली से आए सुरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने स्पेशल अपॉइंटमेंट लेकर अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन सुबह 10 बजे आने के बावजूद चार घंटे तक कोई अधिकारी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार मीडिया में प्रचार कर रही है कि 48 घंटे में रजिस्ट्री हो जाएगी, लेकिन यहां तो अधिकारी का पता तक नहीं। जनता लाइन में खड़ी है और कोई सुनवाई नहीं। ट्रांसपोर्ट नगर में पब्लिक इंतजार करती हुई। दोपहर 1 बजे तक सब रजिस्ट्रार की सीट खाली सचिन बगला भी सुबह 10 बजे से रजिस्ट्री करवाई के लिए खड़े थे। दोपहर 1 बजे तक अधिकारी के न आने से वे निराश दिखे। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर की ऑनलाइन बुकिंग के बाद आज 28 नवंबर को उनकी बारी आई, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।


