आईसीआईसीआई कैश वैन से 5.07 करोड़ कैश और एक किलो सोना लूटने के मामले में 17 साल बाद बुधवार को फैसला आया। अपर न्यायायुक्त आनंद प्रकाश की कोर्ट ने जेल में बंद नक्सली कुंदन पाहन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष ने दो आईओ समेत छह गवाहों को पेश किया था, लेकिन आरोप साबित नहीं कर सका। जांच अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि लूटी गई सामग्री बरामद नहीं हुई। आरोपियों की परेड पहचान भी नहीं कराई गई। कोर्ट में गवाही के दौरान भी किसी गवाह ने कुंदन पाहन को नहीं पहचाना। इसका लाभ आरोपी को मिला। हालांकि अन्य मामले लंबित होने के कारण वह अभी जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। घटना तमाड़ थाना क्षेत्र में 21 मई 2008 को दोपहर 2:10 बजे हुई थी। कैश वैन सुबह 11 बजे जमशेदपुर से रांची के लिए निकली थी। तमाड़ के मरपा लाइन होटल के पास वैन रुकी। गनमैन सागर ठाकुर व बाबूलाल महतो अपना हथियार वैन में ही छोड़कर उतर गए। -शेष पेज 9 पर


