चूरू के बीदासर थाना क्षेत्र में 10वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। सोमवार शाम करीब पांच बजे पुलिस प्रशासन ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। जिसमें नाबालिग के पांच माह से गर्भवती होने की बात सामने आई। जिसके बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और धरने पर बैठ गए। आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग बीदासर सरकारी अस्पताल के सामने धरने पर बैठे नाबालिग के परिजनों और ग्रामीणों ने नाबालिग की हत्या के आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हत्या में एक से अधिक आरोपी हैं, तो मुख्य आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए। सर्द रात के बावजूद ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। मंगलवार सुबह बीदासर थानाधिकारी दिलीप सिंह ने धरने पर बैठे लोगों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन उनकी मांगें पूरी किए बिना धरना खत्म कराने की कोशिश न करे। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग हत्यारे की गिरफ्तारी है और जब तक कार्रवाई नहीं होती, धरना जारी रहेगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की पुष्टि की मांग
धरने पर बैठे ग्रामीणों की मांग है कि अगर शव के पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी से नहीं हुई है तो पोस्टमॉर्टम दोबारा करवाया जाए। परिजनों का कहना है कि भू्रण पांच महीने का नहीं हैं। अगर पांच महीने का भू्रण है तो जांच रिपोर्ट हमें देकर पुष्टि की जायें। धरने पर पहुंचे सुजानगढ़ एएसपी, ग्रामीणों से हुई बातचीत रही विफल
धरने पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए मंगलवार को सुजानगढ़ एएसपी दिनेश कुमार बीदासर पहुंचे। एएसपी ने धरने पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत की, मगर ग्रामीण हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत का दूसरा दौर अभी जारी है। धरने स्थल पर शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जंगल में मिला था शव, अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज नाबालिग के पिता ने बीदासर थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें पिता ने बताया- मैं सुबह करीब 5:30 बजे ट्यूबवेल चालू करने के लिए घर से निकला था। उस समय नाबालिग बेटी घर पर सो रही थी। ट्यूबवेल चालू कर करीब 15 मिनट बाद लौटा। तब बेटी घर पर नहीं थी। पत्नी से पूछा तो उसने बताया कि वह शौच करने के लिए जंगल में गई है। करीब आधे घंटे बाद भी नहीं लौटी तो इधर-उधर तलाश किया। वह नहीं मिली। घर आकर भाई को फोन कर पूछा तो उसने बताया कि वह उसके घर भी नहीं आई। इसके बाद मैंने पत्नी के साथ आसपास के खेतों और बंद पड़ी पत्थरों की खदानों में तलाश किया। तभी बंद खान में एक बड़े पत्थर के पास बेटी के पैर दिखाई दिए। वहां जाकर देखा तो वह जमीन पर अचेत पड़ी थी। उसको हाथ लगाकर हिलाया, लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। उसी समय परिवार के अन्य लोग भी वहां आ गए। बेटी की गर्दन और जबड़े पर निशान थे। इससे लगता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी हत्या कर दी।


