बिग बॉस 19 के फिनाले के बाद, सेकेंड रनर-अप प्रणित मोरे ने अपने अनुभव और भावनाओं का खुलासा किया हैं। भाई गौरव खन्ना की जीत की खुशी से लेकर घर के अंदर बिताए गए हंसते-खेलते और चुनौतीपूर्ण पलों तक, दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रणीत ने बताया कि कैसे उन्होंने शो में अपनी कॉमेडी से सबको प्रभावित किया और व्यक्तिगत रिश्तों में संतुलन बनाए रखा साथ ही उन्होंने बिग बॉस के सबसे यादगार और मुश्किल मोमेंट्स और आने वाले यूट्यूब कंटेंट की तैयारियों पर भी बात की हैं। प्रणित, आप सेकेंड रनर-अप हैं, लेकिन आपके चेहरे की खुशी किसी विनर से कम नहीं है। मैं खुश इस बात से हूं कि मेरा भाई जीता है बिग बॉस। मुझे ये भी उम्मीद थी कि मैं भी जीत सकता हूं, लेकिन उन्हें जनता ने ज्यादा वोट देकर जिताया है। फिलहाल मैं बाहर निकलकर अपने स्टैंड-अप पर फोकस करूंगा। फिनाले थोड़ा इमोशनल हो गया था, इसलिए मैंने जो कंटेंट बिग बॉस पर लिखा था वो परफॉर्म नहीं कर पाया। लेकिन अब जाकर शूट करूंगा और अपने यूट्यूब पर जरूर डालूंगा। मालती और आपके बीच दोस्ती हो चुकी है या वो अब भी आपके बर्ताव से नाराज चल रही है? जैसे ही मैं बाहर निकला, हमारी थोड़ी-सी बातें हुईं… उतनी नहीं। लेकिन वो अब भी नाराज़ है, और शायद कल फिर से मनाने की कोशिश करूं तो मान जाएं। बिग बॉस में आपका सबसे बेस्ट और सबसे खराब मोमेंट कौन-सा रहा? बेस्ट तो तब था जब गौरव खन्ना और मैं एक टास्क में कमेंट्री करने गए थे उस दिन हमने बड़ा मज़ा किया था। और खराब मोमेंट तब था जब बसीर ने मुझे फालतू चीजें कही थीं, जो सुनकर अच्छा नहीं लगा। मुझे एहसास हुआ है कि कई लोग यहां सिर्फ शो के लिए पंगे करते हैं और बाद में उन्हें याद तक नहीं रहता। सलमान खान शुरू में तो नहीं, लेकिन धीरे-धीरे आपकी कॉमेडी को पसंद करने लगे थे। क्या कहेंगे इस पर? मेरे लिए वो बड़ी ही प्राउड फीलिंग थी कि सलमान खान ने मेरी तारीफ की। शुरू में ग्राफ नीचे था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें अच्छा लगने लगा और मैं घर में कंफर्टेबल हो गया कि चलो, मैं ऐसी कॉमेडी कर सकता हूं। बिग बॉस शो के विनर आपके भाई गौरव खन्ना हैं। उनकी जीत की खुशी में क्या कहेंगे? और कुछ लोग कह रहे हैं कि ये फिक्स्ड था इस पर क्या बोलेंगे? देखिए, 100 मुंह, 100 बातें वाला सीन है ये… लोग कुछ ना कुछ बोलेंगे ही। मुझे शुरुआत से ही गौरव खन्ना का गेम बड़ा पसंद आया था। बहुत हंसमुख इंसान हैं, और घर में सब उनकी बातें सुनते भी थे। उनकी जीत से जितनी खुशी मुझे है, वो किसी को नहीं है।


