भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले मंे बीते पांच वर्षों में रक्तदान को लेकर काफी जागरूकता बढ़ी हैै। जिसका असर यह हुआ कि सदन अस्पताल के ब्लड बैंक में वर्ष 2021-22 में 5961 यूनिट रक्त संग्रह हुआ था। जो पांच वर्षों में बढ़ कर वर्ष 2024-25 में 9635 यूनिट तक पहंुच गया। जिससे लग रहा है कि जिले भर में लोगों में रक्तदान के प्रति काफी जागरूकता बढ़ी है। वहीं गंभीर और असाध्य रोग से ग्रसित मरीजों को समय पर रक्त भी मिल पा रहा है। इसके अलावा काफी ऐसे मरीजों के परिजन ब्लड बैंक में आते हैं, जो अपने साथ डोनर लेकर आते हैं, ताकि रक्त लेने से पूर्व एक यूनिट रक्तदान कर बैंक में जमा कर सके। ऐसा होने से जिनके पास कोई डोनर नहीं है, उन्हें भी समय पर रक्त मिल जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में सदर अस्पताल के ब्लड बैंक और रेड क्रॉस सोसाइटी ने मिलकर जिले भर में कैंप आयोजित किए। जिसके बाद रक्तदान के लिए लोग आगे आने लगे हैं। वहीं जिले के डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने इस अभियान को नई गति दी है। इसका असर यह हुआ कि हर तीन माह में जिला समाहरणालय में रक्तदान शिविर का आयोजित होने लगा और एक वर्ष में दो बार जिले के सभी प्रखंड और अनुमंडल कार्यालय में भी रक्तदान शिविर लग रहा है। जहां पर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शहर में काम करने वाली कई स्वंयसेवी संस्था भी रक्तदान को लेकर काम कर रही है। लेकिन कबीर ज्ञान मंदिर समिति की ओर से हर वर्ष 7 सितंबर को 5 से 6 सौ यूनिट रक्तदान किया जाता है। जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके बाद मारवाडी युवा मंच की ओर से भी 101 यूनिट रक्तदान किया गया। वहीं जमुआ प्रखंड के करीहारी गांव में चलने वाली परिवर्तन सोशल एंड एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से 50 यूनिट दान किया गया है। ऐसे में देखेंगे, तो हाल में डोनरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल में नरेंद्र सिन्हा फाउंडेशन ने 36 यूनिट व स्कॉलर बीएड कॉलेज 25 यूनिट रक्तदान कर चुकी है। वहीं अन्य कई संगठन भी रक्तदान शिविर का आयोजित कर रहे हैं। वर्ष 2020-21 में 5961 यूनिट, वर्ष 2021-22 में 6359 यूनिट, वर्ष 2022-23 में 7657 यूनिट, वर्ष 2023-24 में 8529 यूनिट और वर्ष 2024-25 में 9635 यूनिट रक्त संग्रह होकर वितरण किय जा चुका है। थैलेसीमिया मरीजों को दिया जा रहा है हर माह 700 यूनिट रक्त सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से हर माह थैलेसीमिया मरीजों को 700 यूनिट तक रक्त मुहैया कराया जा रहा है। ब्लड बैंक के सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि गिरिडीह सदर अस्पताल मंे बने ब्लड बैंक से सिर्फ गिरिडीह के ही थैलेसीमिया मरीजों को नहीं, बल्कि जामताड़ा, देवघर और बिहार के जमुई जिले से आने वाले मरीजों भी को रक्त मुहैया कराया जाता है। ताकि उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके साथ शिकल सेल एनीमिया और हीमोफीलिया के ग्रसित मरीजों को भी रक्त दिया जाता है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि ऐसे मरीजों को बगैर डोनर के ही रक्त मुहैया कराना है। तो इन मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


