जिले की सड़कों से शनिवार को ऑटो गायब रहा। टेंपो चालकों ने अनिश्चितकाल के लिए चक्का जाम कर दिया है। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले करीब पांच हजार टेंपो और ई-रिक्शा के पहिए थम गए हैं। हर गांव और गली से टेंपू और ई-रिक्शा का कनेक्शन जुड़ा होने के वजह से इनका परिचालन नहीं होने का असर आम लोगों पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शहर अपने काम से नहीं आ सके। शहर में भी कहीं आने – जाने में स्टूडेंट, महिला, बुजुर्गों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बीच शहर से बस स्टैंड को हटाकर दूसरे जगह शिफ्ट कराने को लेकर टेंपू चालकों का आंदोलन चल रहा है। झारखंड परिवहन मजदूर यूनियन एवं झारखंड राज्य ऑटो चालक महासंघ की पलामू जिला कमेटी के तत्वाधान में तीसरे दिन भी कचहरी परिसर में ऑटो चालकों ने धरना दिया। साथ ही शहर के मुख्य मार्गों में पैदल मार्च कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष रामाकांत दुबे और महासंघ के संयोजक सह केंद्रीय संगठन सचिव राकेश कुमार सिंह ने किया। सचिव राकेश ने कहा कि पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार ऑटो का चक्का जाम शुरू हो गया है। जिला प्रशासन उनके मांगों पर के ठोस पहल नहीं कर रही है। जब तक बस स्टैंड शहर से बाहर नहीं व्यवस्थित किया जाता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


