50 रुपए में खुलेआम शराब:जबलपुर में 1 बस्ती में 19 मौतें; 6 माह का सिलसिला, अब जाकर 5 केस दर्ज

जबलपुर के सिंधी कैंप बाबा टोला में कच्ची शराब ने एक ही बस्ती में 6 माह में 19 युवाओं की जान ले ली। यहां हर गली में 50-50 रुपए में कच्ची और अवैध शराब बिकती रही, पर सिस्टम को खबर तक नहीं लगी। जब आक्रोश बढ़ा, तब मंगलवार को पुलिस और आबकारी विभाग बयान लेने बस्ती में पहुंचे। हालात ऐसे थे कि अफसर पांच से ज्यादा परिवारों तक नहीं पहुंच सके, क्योंकि एक के बाद एक नई मौत की जानकारी देने परिवार घरों से बाहर आने लगे। करीब एक घंटे तक बयान लेने के बाद अधिकारी लौट गए। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह बोले- अवैध रूप से कच्ची शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक जो जानकारी मिली है, उसमें जहरीली शराब की जगह शराब सेवन ही वजह सामने आई है। वहीं, एडि. एसपी आयुष गुप्ता ने बताया कि इलाके में चौकी खोलने की मांग पर दोबारा विचार किया जा रहा है। घर-घर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। माया बाई के दोनों जवान बेटे चले गए.. हर दूसरे घर में अब युवा नहीं तस्वीरें बचीं पंचनामा लिखवाने बैठी यह तस्वीर मायाबाई चौधरी की है। हाथ में 25 से 30 साल के दो जवान बेटों अरुण और सुरेंद्र की तस्वीर है। सुरेंद्र की मौत शराब पीने से 17 अक्टूबर 2025 को हुई, जबकि अरुण की 26 मार्च 2024 को इसी कारण जान चली गई थी। अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं। गांव के ही सोनी चौधरी की मौत 4 माह पहले हो गई। पत्नी शांताबाई के मुताबिक, घर में कोई कमाने वाला नहीं। सोनी मजदूरी करते थे। यहां कोई गली नहीं है, जहां शराब न बिकती हो। न पोस्टमार्टम न विसरा रिपोर्ट… आबकारी ने भी शराब से ही मौतें मानी 16 मृतकों के पंचनामा तैयार किए हैं। परिजनों के बयानों में अधिक मात्रा में या लंबे समय से शराब सेवन के कारण मौत की बात सामने आई है। एक मामले में शराब पीने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या की पुष्टि हुई है। किसी भी मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हुआ। विसरा रिपोर्ट नहीं है। इसलिए मौत का कारण शराब सेवन ही माना जा रहा है। सोमवार को इलाके में अवैध शराब बिक्री के 5 मामले दर्ज किए हैं। -संजीव कुमार दुबे, सहायक आयुक्त आबकारी

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *