भास्कर न्यूज|गुमला कृषि विज्ञान केंद्र व विकास भारती बिशनपुर में 15 दिवसीय समेकित पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रशिक्षण का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि संस्था के पद्मश्री डॉ अशोक भगत ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पद्मश्री अशोक भगत ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में असंतुलित उर्वरकों एवं कीटनाशी प्रयोग के कारण विभिन्न प्रकार के प्रदूषण बढ़ रहे हैं। साथ ही साथ मानव स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव दिखाई पड़ रहा है। इसीलिए आवश्यक है कि आने वाले दिनों में जैविक उर्वरकों एवं कीटनाशक प्रयोग कर हम पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ गुणवत्ता युक्त फसल का उत्पादन किया जा सके। पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि अब हमें जैविक खेती के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है जो कि टिकाऊ भी है। साथ ही साथ इसमें फसल लागत भी काम आती है। इस अवसर पर संस्था के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में गुमला जिला के 12 प्रखंड के कुल 50 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। जिसमें 33 प्रतिभागी जिला सहकारिता पदाधिकारी के द्वारा नामित किए गए हैं। जो पंचायत स्तर के लैम्पस के प्रतिनिधि है शेष 17 प्रतिभागी खुद इच्छुक होकर प्रशिक्षण प्राप्त करने आये हैं। इस प्रशिक्षण में कुल पांच महिला एवं 45 पुरुष भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि किसानों को सही जानकारी लैम्पस के प्रतिनिधियों एवं दुकानदारों के द्वारा दिया जाए। जिससे मिट्टी का स्वास्थ्य खराब ना हो, मिट्टी स्वस्थ हो उपज अधिक मिले। इसी उद्देश्य के साथ यह प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र गुमला व विकास भारती बिशनपुर के द्वारा आयोजित किया जा रहा है।


