57 पुलिसकर्मियों के भरोसे शहर का ट्रैफिक, बूथों से नदारद कर्मी, वाहन चालकों से नियमों की पालना कराने वाले ही नहीं

1. तेज गति से वाहन चलाना- 189 2.लाल बत्ती का उल्लंघन- 1 3. मोबाइल पर बात: 12 4. बिना हेलमेट: 169 5. सीट बेल्ट नहीं लगाने: 25 6. अन्य कार्रवाई: 105 ^ नियमों की पालना नहीं करने वाले 501 वाहन चालकों पर कार्रवाई की है। ट्रैफिक थाने में 101 मे से से 44 पद रिक्त चल रहे हैं। ट्रैफिक कंट्रोल के लिए कुछ जगहों पर होमगार्डों भी लगाए गए हैं। अभियान में लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में समझाइश की जा रही है। -हरिओम मीणा, प्रभारी, ट्रेफिक पुलिस राधेश्याम तिवारी|अलवर पुलिस व प्रशासन की ओर से 1 जनवरी से शुरू किए सड़क सुरक्षा माह अभियान की महज औपचारिता निभाई जा रही है। वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का जमकर उल्लंघन करते दिख रहे हैं। इसका बड़ा कारण पुलिसकर्मियों की संख्या में कमी भी है। ट्रैफिक पुलिस थाने में 101 की नफरी स्वीकृत है, लेकिन 57 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के भरोसे व्यवस्था है। 44 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में शहर में निर्धारित ट्रैफिक प्वाइंटों पर पर्याप्त कर्मी ही नहीं हैं। हालांकि, ट्रेफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा माह अभियान के तहत पिछले 9 दिनों में ट्रेफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 501 वाहन व चालकों के खिलाफ की कार्रवाई की है, लेकिन यह नाकाफी है। गुरुवार को भास्कर संवाददाता ने शहर में दोपहर 2 से 3 बजे तक विभिन्न जगहों पर ट्रैफिक व्यवस्था के हाल देख तो सच्चाई सामने आई। कई जगह वाहन चालक लाल बत्ती क्रॉस व दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाकर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखे। बिना हेलमेट व चौपहिया वाहन चालक सीट बैल्ट लगाए बिना भी दौड़ रहे थे। भगत सिंह सर्किल व एसएमडी सर्किल पर एक-एक पुलिस कर्मी तैनात दिखाई दिया। जबकि भवानी तोप सर्किल, बिजली घर, नंगली सर्किल पर बने ट्रैफिक बूथ तैनात पुलिस कर्मी अनुपस्थित मिले। यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। ट्रैफिक कंट्रोल व नियमों की पालना के लिए शहर में 8 जगहों पर नई ट्रेफिक लाइटें लगाई थी। लेकिन, अभी तक ट्रैफिक लाइटें शुरू नहीं हुई। बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस तिराहा, एनईबी थाने के सामने, नमन होटल, सूर्य नगर मोड, हनुमान सर्किल, जनाना अस्पताल के सामने, कटी घाटी व भूगोर तिराहे ट्रेफिक लाइटें लगाई थी। लेकिन, इनमें से एक भी ट्रैफिक लाइट शुरू नहीं हुई। जहां पर ट्रैफिक लाइटें चालू हैं वहां ट्रेफिक पुलिस का पर्याप्त जाब्ता उपलब्ध नहीं है।

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