भास्कर न्यूज | नर्मदा जिला सचिव संघ के पदाधिकारी व सदस्य अपनी एक सूत्रीय मांग शासकीयकरण से अवगत कराने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार से मुलाकात की। उन्होंने सचिव संघ की मांग को छत्तीसगढ़ शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। भाजपा सरकार द्वारा वादा किया गया था कि विधानसभा चुनाव 2023 के समय बीजेपी ने घोषणा पत्र में शामिल कर पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करेंगे। बीजेपी ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाया जिससे सचिवों को उम्मीद थी कि जल्द हमारा शासकीयकरण होगा, किन्तु डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी आदेश नहीं हुआ और न ही सरकार ने कोई सुध लिया। समिति बनाकर खाना पूर्ति कर दी गई। समिति का रिपोर्ट आजतक नहीं आया, जिससे नाराज पंचायत सचिव हड़ताल पर है। 18 फरवरी से पंचायतों में ताला लटका हैं, जिसके कारण ग्राम पंचायत में संचालित समस्त योजनाएं पूरी तरह ठप्प हो चुकी है। सचिव संघ के जिला अध्यक्ष लोकेश जंघेल ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर प्रदेश पंचायत पदाधिकारियों, जिला अध्यक्ष और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के बीच चर्चा की गई, जिसमें पंचायत मंत्री ने कहा कि आप लोगों की जो मांग है वे मोदी के गारंटी में है तो निश्चित रूप से पूरा होगा। पांच सदस्यों के टीम के साथ समिति का गठन कर दिया है, रिपोर्ट आने के बाद आप लोगों के पक्ष में आदेश होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने हड़ताल को आगे बढ़ाते हुए 1 से 6 तक ब्लॉक मुख्यालय में, 7 अप्रैल को जिला स्तरीय रैली और क्रमिक भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है। मांग पूरी नहीं हुई तो दिल्ली के जंतर मंतर में धरना देंगे सरकार मांग पूरी नहीं करता तो प्रदेश के समस्त सचिव दिल्ली के जंतर मंतर में धरना देकर मोदी की गारंटी याद दिलाने हड़ताल करने का रूपरेखा बनाए हैं। इस मौके पर लोकेश जंघेल, लाला जंघेल, निलेश सिंह, हिरेंद्र नागपुरे, झुमुक साहू, छबि साहू, रोहित जंघेल, मनहरण सेन, भगवती मरावी, राजेंद्र तिवारी, राजू जंघेल, परमानन्द जंघेल सहित अन्य साथी मौजूद थे।


